

पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम्, लखनऊ
लखनऊ, 01 अगस्त , पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम्, लखनऊ ( Pt. Deen Dayal Upadhyay Govt. Girl’s P G College Lucknow) में नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत, मार्गदर्शन और प्रेरणा हेतु दिनांक 1 अगस्त 2025 को “दीक्षारंभ कार्यक्रम” का आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्ण और गरिमामय वातावरण में किया गया। यह कार्यक्रम बी.ए., बी.एससी., एवं बी.कॉम. प्रथम वर्ष की छात्राओं के लिए आयोजित किया गया था, जिनका इस वर्ष महाविद्यालय में प्रवेश हुआ है। कार्यक्रम की अध्य्क्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो (डॉ) सुषमा देवी ने की । कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती को नमन करके किया गया ।

अपने सम्बोधन में प्राचार्य प्रो (डॉ) सुषमा देवी ने छात्राओं का हार्दिक स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं, मूल्यों, एवं अनुशासनबद्ध वातावरण से परिचित कराया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे इस नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत को केवल शिक्षा प्राप्ति के रूप में न लें, बल्कि इसे आत्मविकास, सामाजिक जिम्मेदारी और चरित्र निर्माण की दिशा में एक अवसर के रूप में देखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महाविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जहाँ छात्राएँ अपने व्यक्तित्व को निखार सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

कार्यक्रम का अत्यंत सफल एवं रोचक संचालन महाविद्यालय की समारोहक डॉ. रीता अग्निहोत्री द्वारा किया गया, जिसमे उनका सहयोग डॉ सुरंगमा यादव ने किया । महाविद्यालय के सभी विभागों एवं समितियों के प्रभारियों द्वारा छात्राओं को महाविद्यालय की कार्यप्रणाली, नियमावली, एवं छात्रहित में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी अत्यंत सहज एवं प्रेरक भाषा में दी गई । उन्होंने विस्तारपूर्वक बताया कि महाविद्यालय में अध्ययन के साथ-साथ विभिन्न सहगामी एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सहभागिता करना छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
- नवप्रवेशित छात्राओं को दी गई जानकारी
पाठ्यक्रम (Syllabus): छात्राओं को उनके विषयों के पाठ्यक्रम की रूपरेखा, परीक्षा पद्धति, मूल्यांकन प्रणाली, और अध्ययन विधियों के बारे में जानकारी दी गई।
अनुशासन (Discipline): छात्राओं को महाविद्यालय के अनुशासन से संबंधित नियमों, उपस्थिति नीति, समयपालन, एवं आचार संहिता के बारे में बताया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि एक अनुशासित छात्रा ही एक सफल नागरिक बन सकती है।
पाठ्येतर गतिविधियाँ एवं इकाइयाँ:
छात्राओं को महाविद्यालय में सक्रिय विभिन्न इकाइयों और मंचों की जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं:
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS): समाज सेवा, पर्यावरण जागरूकता, रक्तदान शिविर आदि के आयोजन में भागीदारी के लिए।
राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC): अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति की भावना को विकसित करने हेतु।
रेंजर्स: युवतियों में सेवा भावना, कौशल विकास एवं समाजसेवा के लिए कार्यरत।
सांस्कृतिक क्लब: छात्राओं की कला, संगीत, नृत्य, नाटक एवं अन्य सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है।
NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद): गुणवत्ता संवर्धन की दृष्टि से छात्राओं की भागीदारी महत्त्वपूर्ण है, इसके बारे में जानकारी दी गई।
IIC (Institution’s Innovation Council): नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु केंद्रित इकाई।
महाविद्यालय की सुविधाएँ: पुस्तकालय, स्मार्ट कक्षाएँ, ICT संसाधन, छात्रवृत्ति योजनाएँ, करियर काउंसलिंग एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सहायता इत्यादि के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल छात्राओं को महाविद्यालयीन वातावरण से परिचित कराना नहीं था, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं संवेदनशील नागरिक के रूप में विकसित करने हेतु प्रेरित करना भी था। 
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी संकाय सदस्य, शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण एवं वरिष्ठ छात्राएँ भी उपस्थित रहीं। उनके अनुभवों और सुझावों ने छात्राओं को दिशा देने का कार्य किया। इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग से UGC – NET / JRF की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं, योगिता त्रिपाठी, दीपिका मिश्रा एवं ज़ोया को प्राचार्य महोदया द्वारा सम्मानित किया गया जिससे नवप्रवेशित छात्राओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ किया गया। छात्राओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति और सहभागिता ने कार्यक्रम को अत्यंत सफल एवं यादगार बना दिया। यह दीक्षारंभ समारोह छात्राओं के शैक्षणिक जीवन की नई यात्रा की प्रेरणादायक शुरुआत सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का video देखें
