

- शैक्षिक समन्वयक संघ का उच्च अधिकारियों से निवेदन है कि जाति निवास प्रमाण के लिए आप्रेटर को यह कार्य सौंपा जाय। ताकि शासन का उद्देश्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो जाए.
बिलासपुर , 01 अगस्त , शैक्षिक समन्वयक संघ ने बिलासपुर के DEO से भेंट लकर अपनी समस्कायाएं बताई. संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जाति निवास प्रमाण पत्र राजस्व का काम है विगत दस साल से यह काम जारी है जो हो नहीं पा रहा है राजस्व के अधिकारी कर्मचारी हाथ उठा दिए हैं जबकि उन्ही का काम है शिक्षा विभाग का नहीं। बार बार शैक्षिक समन्वयकों के ऊपर दबाव बनाया जा रहा है कि जाति निवास प्रमाण पत्र को आनलाइन आवेदन को एंट्री करेंगे।
इनका कहना ही कि वैसे भी शैक्षिक समन्वयक के पास कई काम होते है इसके अलावा पढ़ाना लिखाना सभी प्रकार के आनलाइन आफलाइन जानकारी देना होता है शैक्षिक समन्वयकों को इससे दुर रखना चाहिए और आप्रेटरो से काम लेना चाहिए क्योंकि ऐसे काम को आप्रेटर कर सकते हैं। शैक्षिक समन्वयको के पास मोबाइल के सिवाय कुछ नहीं है और न ही उसके पास समय है जिसे वे कर सके. प्रमाण पत्र में कोई त्रुटी होती है कोई मिशन देखना है तो शैक्षिक समन्वयक पटवारी तो है नहीं जो सही जाच करे।
कुछ भी गलती पायेंगे तो सीधा शैक्षिक समन्वयक के ऊपर गाज गिरेगी। इसलिए उच्च अधिकारियों से निवेदन है कि जाति निवास प्रमाण के लिए आप्रेटर को यह कार्य सौंपा जाय। ताकि शासन का उद्देश्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो जाए.
