
वर्मा जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें हर जीव जंतुओ की रक्षा करना चाहिए। हत्या करना पाप माना गया.
बिलासपुर , 29 जुलाई , आज शा क पूर्व मा शाला सेमरताल में राष्ट्रगान पश्चात् प्रत्येक दिन के भांति सुविचार, अनमोल वचन विद्यार्थियों के द्वारा प्रस्तुति दी गई। आज नागपंचमी के सुअवसर पर विद्यार्थियों को नागपंचमी के महत्व को बतलाया गया।
सुमन राजन कौशिक ने बतलाया की महाभारत में जन्मेजय के नाम व्यक्ति कहानी है जिसके मुताबिक जन्मेजय के नगरिया के दौरान बड़े-बड़े विशाल नाग अग्निकुंड में जलने लगे उसे समय आस्तिक नामक ब्राह्मण सर्व यज्ञ रोककर नागों की रक्षा की थी. यह पंचमी की तिथि थी इसी के बाद नाग पंचमी मनाई जाने लगी । वर्मा जी ने कहा कि सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर हर साल पंचमी का पर्व मनाया जाता है . ऐसे में इस दिन हिंदू धर्म में खास महत्व है । इस दिन हर घर नागदेव की पूजा करने का विधान है ।
कहा जाता है कि इस दिन नाग पूजा करने से व्यक्ति विशेष के काल दोष से मुक्ति मिल जाती है। वर्मा जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें हर जीव जंतुओ की रक्षा करना चाहिए। हत्या करना पाप माना गया.
