

- कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि को पुष्प भेंट करके वंदे मातरम गीत से की गई इसके पश्चात पायसम के बौद्धिक अक्षम रूप से दिव्यांग जनों ने सार्वभौमिक प्रार्थना की फिर बंदना का कार्यक्रम प्रस्तुत किया .
- पायसम के अन्य बच्चों ने रंग दे बसंती पर एक समूह नृत्य प्रस्तुत किया .
लखनऊ , 13 अगस्त , पायसम के मुख्य कार्यवाहक डॉ नवल पंत द्वारा लिखित अंग्रेजी पुस्तक का हिंदी अनुवाद “एक अनियोजित यात्रा” बौद्धिक और विकासात्मक विकलांगता के क्षेत्र में अग्रगण्यों द्वारा तदानुभूति की कहानियों का विमोचन आज दिनांक 13 अगस्त 2025, द रेंगनेट होटल लखनऊ में संपन्न हुआ. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में हरिवंश नारायण सिंह जी उपसभापति राज्यसभा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वामी वासुदेवानंद गिरी जी योगदा सत्संग शाखा मठ द्वाराहाट अल्मोड़ा उपस्थित थे.
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि को पुष्प भेंट करके वंदे मातरम गीत से की गई इसके पश्चात पायसम के बौद्धिक अक्षम रूप से दिव्यांग जनों ने सार्वभौमिक प्रार्थना की फिर बंदना का कार्यक्रम प्रस्तुत किया . पायसम के अन्य बच्चों ने रंग दे बसंती पर एक समूह नृत्य प्रस्तुत किया .

कार्यक्रम का संचालन अंजू मिश्रा डायरेक्टर शिक्षक एवं प्रशिक्षण पायसम एवम् प्रोफेसर रानू उनियाल लखनऊ विश्वविद्यालय ने किया कार्यक्रम के दौरान लेखक के साथ वार्ता मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को अंग वस्त्र भेंट पूज्य स्वामी जी द्वारा आशीर्वचन लेखक व पायसम के मित्रों का सम्मान उसके पश्चात मुख्य अतिथि हरिवंश नारायण जी द्वारा पुस्तक का विमोचन एवं मुख्य अतिथि द्वारा उपस्थित जनसमूह के लिए संबोधन अंत में पायसम के मुख्य कार्यवाहक डॉ नवल पंत द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव दिया गया.

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान गाकर के किया गया l पायसम 2005 से निरंतर बौद्धिक रूप से अक्षम दिव्यांग जनों के लिए कार्यरत लखनऊ की एक अग्रणी संस्था है, मुख्य अतिथि श्री हरिवंश नारायण जी ने कहा कि पायसम का यह बहुत ही सराहनीय प्रयास है वह बौद्धिक रूप से अक्षम दिव्यांग जनों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए उनके लिए समावेशी समाज की स्थापना करने के लिए लखनऊ एवं उत्तर प्रदेश में एक मुख्य भूमिका निभा रहा है, यह आयोजन विशेष जनों की अनकही कहानियां को उजागर करता है यह एक ऐसा प्रयास है जो सहानुभूति को जागृत करता है और समाज को समावेशिता की ओर प्रेरित करता है,

उन्होंने कहा कि दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाली अन्य संस्थाएं भी पायसम के साथ मिलकर उनके अनुभवों का लाभ उठा सकती हैं और अपने अनुभवों को साझा कर सकती हैं जिससे दिव्यांग जनों की क्षमताओं में और अधिक वृद्धि होगी अंत में उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में जब भी उन्हें आमंत्रित किया जाएगा वह सुनिश्चित करेंगे कि वह जरूर उपस्थित रहे |कार्यक्रम की समस्त जानकारी इस कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर विकास त्रिवेदी ने प्रदान की |
