
- इस आन्दोलन के बाद भी यदि शोध अध्यादेश वापस नही हुआ तो आगामी परीक्षाओ का बहिष्कार किया जायेगा। आंदोलन के अगले चरण तय करने के लिए 11 सितम्बर को पुन: बैठक की जायेगी।
लखनऊ, 13 अगस्त , लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मनोज पाण्डेय और महामंत्री प्रोफ़ेसर अंशु केडिया की उपस्थिति में आज लुआक्टा कार्यकारणी की बैठक आहूत हुई . इस बैठक में कहा गया कि शोध अध्यादेश, 2025 जिसके द्वारा यू जी शिक्षकों को शोध से 2026 से वंचित किया जायेगा, के आंदोलन को मजबूती से चलाया जाएगा .आंदोलन के क्रम में निर्णय लिया गया, जिसमे कार्य परिषद की बैठक के दिन विश्वविद्यालय में धरना, दिनांक, 26 अगस्त 25 को राजभवन मार्च तथा गिरफ्तारी इस तिथि को महाविद्यालयो के सभी साथी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे तथा लखनऊ विश्वविद्यालय सरस्वती वाटिका से राज भवन मार्च करेंगे।
लखनऊ विश्वविद्यालय से सह्युक्त सभी जिलों के जन प्रतिनिधियो को ज्ञापन जायेगा, जिनमे प्रमुख रूप से लखनऊ के सांसद राज नाथ सिंह , उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक , राज्य सभा सदस्य एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा , उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी , रायबरेली से सांसद राहुल गाँधी , इसके अतिरिक्त मा मुख्यमंत्री , उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन दिया जायेगा।
संघ ने यह भी तय किया है कि शोध अध्यादेश 2025 के मुद्दे पर लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन को पुन: एक ज्ञापन अपने निर्णय के पुनर्विचार के लिये दिया जायेगा, इसके अतिरिक्त 05 सितम्बर को काला दिवस तथा 10 सितम्बर को दीक्षांत के मुद्दे पर समारोह के विरोध में काला दिवस तथा साथी अपने अपने महाविद्यालयो मे धरने पर बैठेंगे। इसके बाद भी यदि शोध अध्यादेश वापस नही हुआ तो आगामी परीक्षाओ का बहिष्कार किया जायेगा। आंदोलन के अगले चरण तय करने के लिए 11 सितम्बर को पुन: बैठक की जायेगी।
