

- बालिका विद्यालय में सुभाष चंद्र बोस जयंती का आयोजन
- स्वतंत्रता दी नहीं, ली जाती है: सुभाष चंद्र बोस
लखनऊ , 23 जनवरी , campussamachar.com, आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती ( Subhash Chandra Bose Jayanti 2025 ) है। पूरे देश में आज का दिन उल्लासपूर्वक पराक्रम दिवस के रूप में मनाया गया। आज हम उनको उनकी उन खूबियों के लिए याद करते हैं जिसके कारण हम आजाद होकर आज सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था का पालन करने वाले देश में रहते हैं जो विश्व का नेतृत्व करने के लिए आगे बढ़ रहा है।
सुभाष चंद्र बोस ( Subhash Chandra Bose Jayanti ) के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए बालिका विद्यालय ( Balika Vidyalaya Inter College lucknow) की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र ने कहा कि उनके मन में देशप्रेम, स्वाभिमान और साहस की भावना बचपन से ही बड़ी प्रबल थी। वे अंग्रेज शासन का विरोध करने के लिए अपने दोस्तों का भी मनोबल बढ़ाते थे। अपनी छोटी आयु में ही सुभाष ने यह जान लिया था कि जब तक सभी भारतवासी एकजुट होकर अंग्रेजों का विरोध नहीं करेंगे, तब तक हमारे देश को उनकी गुलामी से मुक्ति नहीं मिल सकेगी। जहां सुभाष ( Subhash Chandra Bose Jayanti ) के मन में अंग्रेजों के प्रति तीव्र घृणा थी, वहीं अपने देशवासियों के प्रति उनके मन में अगाध प्रेम था। वह कहते थे कि किसी राष्ट्र के लिए स्वाधीनता सर्वोपरि है।

इस महान मूलमंत्र को शैशव और नवयुवाओं की नसों में प्रवाहित करने, तरुणों की सोई आत्मा को जगाकर देशव्यापी आंदोलन देने और युवा वर्ग की शौर्य शक्ति उद्भासित कर राष्ट्र के युवकों के लिए आजादी को आत्मप्रतिष्ठा का प्रश्न बना देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस ( Subhash Chandra Bose Jayanti ) ने स्वाधीनता महासंग्राम के महायज्ञ में प्रमुख पुरोहित की भूमिका निभाई। नेताजी ने आत्मविश्वास, भाव-प्रवणता, कल्पनाशीलता और नवजागरण के बल पर युवाओं में राष्ट्र के प्रति मुक्ति व इतिहास की रचना का मंगल शंखनाद किया। मनुष्य इस संसार में एक निश्चित, निहित उद्देश्य की प्राप्ति, किसी संदेश को प्रचारित करने के लिए जन्म लेता है। जिसकी जितनी शक्ति, आकांक्षा और क्षमता है, वह उसी के अनुरूप अपना कर्मक्षेत्र निर्धारित करता है।
बालिका विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज, मोती नगर, लखनऊ में इस कार्यक्रम को भारत विकास परिषद, महिला शाखा, चौक के सहयोग से आयोजित किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र ने भारत विकास परिषद की महिला संयोजिका साधना रस्तोगी, सदस्य जया और रेखा दुआ का विद्यालय परिवार की ओर से स्वागत किया।

तत्पश्चात सभी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस ( Subhash Chandra Bose Jayanti ) की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम का संचालन मंजुला यादव के द्वारा किया गया। रागिनी यादव एवं मंजुला यादव के निर्देशन में छात्राओं ने निबंध लिखा, पोस्टर बनाए तथा नेताजी के विचारों को प्रदर्शित करते हुए खूबसूरत स्लोगन भी लिखे। कक्षा 7 की शिवानी और सृष्टि मिश्रा ने उनके जीवन परिचय और मूल्यों को बखूबी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के आयोजन में ऋचा अवस्थी का पूरा सहयोग रहा। निबंध प्रतियोगिता में कक्षा 10 की चाहत प्रथम और कक्षा 7 की शिवानी द्वितीय स्थान पर रही ।
पोस्टर प्रतियोगिता में कक्षा 7 की शहनाज प्रथम और वैष्णवी शर्मा द्वितीय स्थान पर रही। स्लोगन प्रतियोगिता में कक्षा 7 की नूर सबा प्रथम और सृष्टि मिश्रा द्वितीय स्थान पर रही। इन सभी छात्राओं को भारत विकास परिषद की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस कार्यक्रम में सीमा आलोक वार्ष्णेय,शालिनी श्रीवास्तव, पूनम यादव, उत्तरा सिंह और मीनाक्षी गौतम उपस्थित रहीं। सभी ने छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके कार्य की सराहना की।

