
- चतुर्थ श्रेणी कर्म चारियो से भी कम वेतन पर शिक्षण कार्य करने पर मजबूर, मुख्य मंत्री जी करे तत्काल हस्तक्षेप पांडेय गुट
- व्याव सायिक शिक्षकों को भी अमेलि त कर पूर्ण शिक्षक का दर्ज़ा प्रदान किया जाय जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
- अतिथि विशेषज्ञों से लिया जा रहा है पूर्ण शिक्षकों का कार्य, उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन का हो भुगतान ओम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ , 15 जून, campussamachar.com, प्रदेश के परीक्षार्थी 921 शिक्ष्ण संस्थाओं में पिछले तीन दशक पूर्व से यू पी बोर्ड के निर्धारित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रम के41 ट्रेडों मे रोजगारपरक शिक्षा के अंतर्गत परीक्षा उत्तीर्ण हो रहे हैं। यह लगभग डेढ़ लाख परीक्षा रथी प्रति वर्ष सफ़ल हो कर अपना योगदान कर रहे है। 921 परख शिक्षा के अंतर्गत परीक्षा उत्तीर्ण कर रहे हैं। यह लगभग डेढ़ लाख परीक्षा रथी प्रति वर्ष सफ़ल हो कर अपना योगदान कर रहे है। विदित हो कि इंटर परीक्षा उतीर्ण करने वाले सभी छात्रों एवं छात्राओ को आई टी आई के समकक्ष मान्य ता है। सभी छात्र इसके सहारे विभिन्न रोजगार से जुड़े व्यवसाय में भी अपना योगदान दे रहे हैं।

इन सबके बाद भी इन रोजगार परख शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षकों को आज भी अतिथि शिक्षक का दर्ज़ा प्राप्त है और मानदे य के नाम पर हाई स्कूल को पंद्रह हज़ार एवं इंटर को पढ़ाने वाले शिक्षकों को बीस हजार रुपए मासिक भुगतान होता है और वह भी 10 व 11 महीने का मिलता है । यह उनके साथ अत्यंत ही घोर अन्याय है।
संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने इस संवेदन शील मामले की ओर सूबे के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ जी का व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित किया है। साथ ही साथ इन लगभग 2750 कार्यरत शिक्षकों को पूर्ण शिक्षक का दर्ज़ा प्रदान करते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन दिये जाने की पुर जोर माँग की है।
MP का यह VIDEO जरुर देखें
