
विनियमित करने के लिए शासन सख़्त : ओम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ , 20 फरवरी , campussamachar.com, प्रदेश के आशास्कीय माध्यमिक विद्यालयों में 2000 के पूर्व के तदर्थ शिक्षकों को नियमित न करने पर उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ ( पांडेय गुट ) ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं उपाध्यक्ष व संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने आज यहाँ जारी अपने बयान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ( Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) का व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित करते हुए हस्तक्षेप करने की माँग की है।
शिक्षक नेताओ ने बताया कि अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने विगत 17 फरवरी को जारी एक महत्वपूर्ण आदेश में सभी मंडलीय समितियों को जारी निर्देश में तदर्थ शिक्षकों को विनियमित करने में मनमाने ढंग से लगाए गए आपत्तियों पर एतराज जताया है। उन्होंने याचिका संख्या, 907/2024 रमेश त्रिपाठी बनाम उ प्र सरकार मे पारित आदेश में दिये गये फायइंडिंग फैक्ट के मुताबिक मंडलीय समितियों को पांच विंदुओ को विनियमित करते समय विचार करने के निर्देश जारी किया है। उसके अनुसार शिक्षक की चयन तिथि को वैकेंसी होने, निर्धारित अर्हता होने, अनुमोदन होने अथवा कोर्ट के आदेश पर अनुमोदन, के साथ विनियमित करने की तिथि तक कार्य करने संबंधी दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए विनियमित करने के आदेश प्रदान किये गए है। इसका अनुपालन लखनऊ मंडल सहित अन्य मंडलों में नहीं किया जा रहा है। समिति ने नियुक्ति प्राधिकार संबंधी अपतियो पर विना परीक्षण के विनियमि तीकरणं निरस्त किया गया है। यह स्थिति अत्यंत ही आपत्ति जनक और असंवैधानिक है।

शिक्षक नेताओ ने बताया कि विनियमित करने की संपूर्ण कार्यवाही दस दिन के भीतर कर शासन को अनुपालन आख्या प्रेषित करने के निर्देश जारी किया है। उन्होंने बताया कि समितियों द्वारा बिना पांचो विंदुओ को संज्ञान में लिए मनमाने तरीके से प्रकरणों को निरस्त कर विद्यालयों को भेज दिया जा रहा है।
शिक्षक नेताओ ने उ प्र सरकार एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ( Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) का इन मनमानी पूर्ण रवैये की ओर ध्यान आकर्षित किया है।विगत अट्ठाईस से तीस सालों से कार्यरत इन तदर्थ शिक्षकों को जारी शासनादेश के गाइडलाईन के मुताबिक पांच विंदुओ पर परीक्षण कर सभी तदर्थ शिक्षकों को बिना भेदभाव के विनियमित कर उन्हें न्याय प्रदान करने की माँग की है।
