
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं शासन इस रोजी रोटी से जुड़े मामले में करें तत्काल हस्तक्षेप : ओम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ , 12 मार्च , campussamachar.com, उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट ) ने सूबे के गैर सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में विगत तीन दशकों से कार्य कर रहे तदर्थ शिक्षकों को रेगुलर कर उन्हे नियमित वेतन दिये जाने और कार्य लिए जाने संबंधी शीर्ष न्यायालय व उच्च न्यायालय के स्पष्ट रूप से किये गए आदेशों का लगातार ऊल्लंघन करने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संघ ने इस अति संवेदनशील मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
संगठन के प्रदेशिक् अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं उपाध्यक्ष व संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने आज बताया कि अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने विगत 17 फरवरी को जारी आदेश मे कोर्ट के द्वारा निर्देशित पांच गाईड लाइन को ध्यान में रख कर कार्यवाही दस दिन में करने का आदेश जारी किया है। इन पांच विंदुओ मे नियुक्ति के समय वैकेंसी का होना, कैंडिडेट की अर्हता, विभाग द्वारा व कोर्ट द्वारा अनुमोदन, पद की वर्तमान स्थिति एवं शिक्षक द्वारा कार्य करने की स्थिति को ही नियमित करते समय केवल इन्हीं गाईड लाईन को देखने का स्पष्ट रूप से आदेश जारी किया गया है। मंडलीय समितियों द्वारा मनमाने ढंग से कार्यवाही कर मामले निरस्त कर निस्तारित किया जा रहा है। यह अत्यन्त ही आपत्ति जनक स्थिति है।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि ये वे सभी तदर्थ शिक्षक हैं जो तीस दिसंबर 2000 पूर्व के तत्सं मय लागू नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत नियुक्ति पा कर लगातार सेवा कर देश के भावी पीढी के भविष्य का निर्माण कर रहे है। यह कैसी विडम्बना है कि आज वे अपने भविष्य के लिए दर दर की ठोकरें खाने पर मजबूर है।

शिक्षक नेताओं ने कहा कि अभी कल 11 मार्च को शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ महेंद्र देव जी ने भी एक आदेश जारी कर वर्ष, 2000 तक के कार्य रत तदर्थ शिक्षकों को, 22 मार्च, 2016 से नियमित करने का डाटा भी समितियों से चौबीस घंटों मे तलब किया है। इस बात से यह सुस्पष्ट है कि सरकार, कोर्ट शासन एवं विभाग सभी तदर्थ शिक्षकों को विनियमित कर नियमित वेतन भुगतान करने करने के लिए आदेश जारी कर निर्देश प्रदान किया है। शिक्षक नेताओं ने सरकार शासन एवं विभाग के उच्च शिक्षा अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए निर्गत आदेशों का अमली जामा पहना कर सभी तदर्थ शिक्षकों को विनियमित कर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा जगत से तदर्थ वाद को समाप्त करने की पुरजोर मांग की है।
