
लखनऊ, 4 मार्च, campussamachar.com, प्रदेश के मजदूरो ने अपनी विभिन्न मॉगों को लेकर जिलाधिकारी/ अपर श्रमायुक्त कार्यालयों पर प्रदर्शन किया। ज्ञातव्य हो कि सेण्टर आफ इण्डियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) ने संघर्ष के प्रथम चरण में मजदूरों के बीच व्यापक प्रचार प्रसार किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश के मुख्य मंत्री को ज्ञापन दिया गया है। आन्दोलन के अगले चरण में लखनऊ में मजदूर पंचायत की जायेगी।
यहॉ जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में संगठन के महामंत्री प्रेम नाथ राय ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि राज्य केन्द्र पर उपलब्ध सूचना के अनुसार बलिया, गाजीपुर, सोनभद्र, बुलन्दशहर, लखनऊ, जौनपुर, मऊ ,कानपुर गोण्डा, प्रयागराज, सहारनपुर, सहित 23 जिलों में मजदूरों ने प्रदर्शन किया है। लखनऊ के मजदूरों ने अपर श्रमायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया। प्रदर्शन के दौरान सभा की गई । जिसे प्रेम नाथ राय, हेमन्त कुमार सिंह, राहुल मिश्रा, अभीजीत तालुकेदार, मनोज दा, रविन्द्र सिंह, बंशी लाल वर्मा, निशिकान्त मिश्रा आदि ने सम्बोधित किया।
मुख्य मंत्री को सम्बोधित मॉग पत्र में प्रदेश में न्यूतम वेतन सलाहकार बोर्ड का गठन किया जाय तथा विक्रय संबर्धन कर्मियों (सेल्स प्रोमोशन एम्प्लाइज) के लिये न्युनतम सलाहकार बोर्ड मे ंउप समिति का गठन किया जाय। न्यूनतम वेतन रू 26,000 से कम न हो। शुगर, होटल व इंजीनियरिंग उद्योग में वेतन पुनरीक्षण किया जाय। उत्तर प्रदेश में श्रम कानूनों का पालन किया जाय। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिये सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था की जाय। स्कीम वकर्स – आंगनवाड़ी , आशा व मिड डे मिल कार्यकर्ता – के लिये न्यूतम वेतन रू0 26,000 घोषित किया जाय।
इसके साथ साथ रिटायरमेण्ट के बाद प्रोविडेण्ट फण्ड एवं अन्य सामिजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाय। उनको सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाय । पूर्वाचंल विद्युत वितरण निगम लि0 एवं दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगम लि0 सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाई जाय। सार्वजनिक क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर रोजगार का सृजन किया जाय। सरकारी क्षेत्र में रिक्त पदों पर भर्ती किया जाय। समान काम के लिये समान वेतन दिया जाय। ठेका प्रथा समाप्त किया जाय। नियमित प्रकृति के काम कर नियमित मजदूर/कर्मचारी रखा जाय।
इसी प्रकार संविदा पर कार्यरत मजदूरों/कर्मचारियों को नियमित किया जाय। सभी संविदा/निविदा आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के लिये रिटायरमेंट उम्र 60 वर्ष की जाय। पुरानी पेंशन बहाल की जाय। सरकारी क्षेत्र में संविदा/आउटसोर्सिग पर कार्यरत कर्मचारियों का नियमीतिकरण किया जाय। नियमित होने तक उनकों स्थायी कर्मचारियों के बराबर वेतन व अन्य सुविधायें दी जाय। उत्तर प्रदेश भवन सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में मजदूरों के पंजीकरण व नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाय। पॉच साल से पंजीकृत मजदूरों को जिनकी उम्र 60 वर्ष से उपर हो गई है उनकों रू0 9000 मासिक पेंशन दिया जाय। बोर्ड द्वारा मजदूरों के लिये हितकारी योजनाओं को शुरू किया जाय। चारो श्रम संहिता को रद्द किया जाय। दवाओं पर जीएसटी शून्य किया जाय। काम करने के आठ घण्टे के नियम को सख्ती से लागू किया जाय। – मॉगे ष्शामिल थी। उक्त जानकारी सीटू लखनऊ जिला के संयोजक राहुल मिश्रा ने दी है।
