
- श्री शैलेश कुमार शुक्ला, कुलसचिव, (निलम्बित) (सम्प्रति सेवानिवृत्त), सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी/सम्बद्ध निदेशक, उच्च शिक्षा, प्रयागराज, कार्यालय, उ०प्र० का निलम्बन समाप्त करते हुए उनके विरुद्ध शासन के कार्यालय-ज्ञाप संख्या 2222/सत्तर-1-2022-16 (28)/2013 टी०सी० दिनांक 06 जुलाई, 2022 द्वारा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के अर्न्तगत संस्थित अनुशासनिक कार्यवाही बिना किसी शास्ति के एतद्वारा समाप्त किया जाता है।
लखनऊ, 23 जुलाई , सच्चे ईमानदार और कुशल प्रशासक शैलेश कुमार शुक्ला के खिलाफ लगाये गए आरोप बेबुनियाद निकले . एक भी आरोप की पुष्टि नहीं हुई .इन आरोपों के कारण ही उन्हें निलंबित किया गया था . शुक्ला अपने विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे लेकिन उन्होंने अपनी इमानदारी और निर्भीकता नहीं छोडी . हालांकि उन्हें विभागों के भ्रष्ट तंत्र ने सब तरह से परेशान किया. श्री शुक्ला अपने काम को करते रहे लेकिन उनके खिलाफ साजिशे जारी रही और उन्हें तरह तरह से परेशान किया जाता रहा .
अब उनसे जुड़े मामले महत्वपूर्ण फैसला आया है . उनका निलंबन खत्म कर दिया गया है . जारी आदेश के अनुसार श्री शैलेश कुमार शुक्ला, कुलसचिव, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के विरूद्ध कुलपति, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ के पद पर कार्यरत रहते हुए विश्वविद्यालय की त्रिवर्षीय विधि पाठ्यक्रम के तृतीय सेमेस्टर के प्रश्न-पत्र के लीक होने सम्बन्धी आडियो वायरल होने, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ की परीक्षाओं को शुचिता एवं पारदर्शिता पूर्वक सम्पादित किये जाने में विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में पर्यवेक्षणीय शिथिलता बरतने, प्रो० राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलसचिव के रूप में सम्बद्धता हेतु एन०ओ०सी० के प्रस्तावों के निस्तारण में अपेक्षित रुचि नहीं लिये जाने तथा प्रो० राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज की प्रथम परिनियमावली के प्रख्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में कोई रुचि नहीं लिये जाने के आरोपों के दृष्टिगत शासन के कार्यालय-ज्ञाप संख्या 2212/सत्तर-1-2022-16(28)/2013टी०सी० दिनांक 06 जुलाई, 2022 द्वारा श्री शैलेश कुमार शुक्ला, कुलसचिव, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी को तात्कालिक प्रभाव से निलम्बित करते हुए निदेशक, उच्च शिक्षा, उ०प्र०, प्रयागराज कार्यालय से सम्बद्ध किया गया।
2- 2222 सत्तर-1-2022-तत्क्रम में शासन के कार्यालय-ज्ञाप संख्या 16(28)/2013टी०सी० दिनांक 06 जुलाई, 2022 द्वारा श्री शैलेश कुमार शुक्ला के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के अन्र्तगत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए आयुक्त, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को जॉच अधिकारी नियुक्त किया गया।
उक्त अनुशासनिक कार्यवाही में शासन के कार्यालय-ज्ञाप संख्या 2223/सत्तर-1-2022-16(4)/2020 दिनांक 06 जुलाई, 2022 द्वारा श्री शैलेश कुमार शुक्ला, कुलसचिव, (निलम्बित) (सम्प्रति सेवानिवृत्त) सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी/सम्बद्ध निदेशक, उच्च शिक्षा, प्रयागराज, कार्यालय, उ०प्र० के विरुद्ध संस्थित अनुशासनिक कार्यवाही में श्री शुक्ला को कुल 04 आरोपों से आरोपित किया गया।
3- शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या 1147/सत्तर-1-2023 दिनांक 22-8-2023 द्वारा श्री शुक्ला का जीवन निर्वाह भत्ता मूल वेतन का 75 प्रतिशत करने की स्वीकृति प्रदान की गई। उक्त अनुशासनिक कार्यवाही में नामित जाँच अधिकारी आयुक्त, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के पत्र संख्या-1916/27-06(2021-22) दिनांक 26.12.2024 के माध्यम से जॉच आख्या शासन में प्राप्त हुई।
निलम्बन समाप्त
क्त जॉच आख्या में श्री शुक्ला पर अधिरोपित चारो आरोप सिद्ध न पाये जाने तथा लखनऊ विश्वविद्यालय के एल०एल०बी० के तृतीय वर्ष के पेपर लीक मामले के संबंध में पंजीकृत मु०अ०सं० 590/2019 धारा-5/10 सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम में गृह विभाग, उ०प्र०शासन से प्राप्त आख्या के परिप्रेक्ष्य में सम्यक विचारोपरान्त श्री शैलेश कुमार शुक्ला, कुलसचिव, (निलम्बित) (सम्प्रति सेवानिवृत्त), सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी/सम्बद्ध निदेशक, उच्च शिक्षा, प्रयागराज, कार्यालय, उ०प्र० का निलम्बन समाप्त करते हुए उनके विरुद्ध शासन के कार्यालय-ज्ञाप संख्या 2222/सत्तर-1-2022-16 (28)/2013 टी०सी० दिनांक 06 जुलाई, 2022 द्वारा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के अर्न्तगत संस्थित अनुशासनिक कार्यवाही बिना किसी शास्ति के एतद्वारा समाप्त किया जाता है। यह आदेश एम०पी० अग्रवाल प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा की और से जारी किया गया .
इस शासनादेश की प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही के लिए –
1- अपर मुख्य सचिव, श्री राज्यपाल सचिवालय, उ०प्र०।
2- कुलपति, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी, उ०प्र०।
3- आयुक्त (जाँच अधिकारी), लखनऊ मण्डल, लखनऊ, उ०प्र०।
4- कुलसचिव, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी, उ०प्र०।
5- मुख्य स्थायी अधिवक्ता, मा० उच्च न्यायालय, इलाहाबाद।
6- निदेशक, उच्च शिक्षा, प्रयागराज, उ०प्र० को इस आशय से प्रेषित कि अवमाननावाद संख्या 2055/2025 के संबंध में आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई हैं .
आदेश देखने के लिए नीचे पीडीऍफ़ file पर क्लिक करें
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