
- मुरादाबाद में कोतवाली क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के सामने रोडवेज बस ने असिस्टेंट प्रोफेसर को रौंदा, मौत.
- बेंकटेश बहादुर का परिवार लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित प्रियदर्शिनी कालोनी में रहता है.
लखनऊ , /मुरादाबाद, 19 जनवरी, campussamachar.com, । उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व उपाध्यक्ष और रामाधीन सिंह इंटर कॉलेज लखनऊ के प्रवक्ता रहे वर्तमान में हिंदू डिग्री कॉलेज मुरादाबाद के प्रोफेसर वेंकटेश बहादुर सरोज की रोडवेज बस से टक्कर होने से उनकी दर्दनाक मृत्यु पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डॉ.आर.पी. मिश्र, महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा, प्रदेशीय मंत्री डॉ.आर. के. त्रिवेदी, जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा, जिला मंत्री महेश चंद्र, कोषाध्यक्ष आर. पी. सिंह, आय व्यय निरीक्षक आलोक पाठक सहित जनपद के सभी पदाधिकारियों ने स्वर्गीय वेंकटेश सरोज के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को ईश्वर अपने श्री चरणों में स्थान दें और इस शोकाकुल परिवार को इस दारूण दुख को सहन करने की शक्ति दे।
शिक्षक नेताओं ने बताया कि डॉक्टर वेंकटेश बहादुर सरोज जी के साथ संगठन में काफी समय तक समय बिताया है इसलिए बड़ा कष्ट हो रहा है . वह बहुत सहज स्वभाव की और सरल व्यक्तित्व के व्यक्ति थे.
उल्लेखनीय है कि मुरादाबाद शहर की कोतवाली क्षेत्र में रामपुर रोड पर रेलवे स्टेशन के सामने शनिवार दोपहर में रोडवेज बस ने हिन्दू कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर बेंकटेश बहादुर सरोज को रौंद दिया। गंभीर हालत में साथी प्रोफेसर उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे,जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मूल रूप से प्रतापगढ़ के गांव मंगरौरा पोस्ट दछुट निवासी बेंकटेश बहादुर सरोज (47) हिन्दू कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर 2020 से तैनात थे। वह मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के मानसरोवर कालोनी में पटवाई हाउस के पास किराये के मकान में रहते थे। परिवार में पत्नी आशा सरोज और दो बेटे सिद्धांत सरोज और मिलिंद सरोज हैं।
बेंकटेश बहादुर का परिवार लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित प्रियदर्शिनी कालोनी में रहता है। बताया गया कि शनिवार दोपहर करीब दो बजे बेंकटेश बहादुर सरोज हिन्दू कॉलेज से पैदल ही अपने घर मानसरोवर की ओर जा रहे थे। रामपुर रोड पर रेलवे स्टेशन के सामने गेट नंबर दो के पास पहुंचे तभी पीछे से आ रही नजीबाबाद डिपो की रोडवेज बस ने उन्हें रौंद दिया। पहिये के नीचे आकर वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उसी समय हिन्दू कॉलेज के ही एक दूसरे प्रोफेसर डॉ. बृजेश तिवारी वहां से गुजर रहे थे। उनकी नजर पड़ी तो कपड़ों से पहचान की।
आनन-फानन में डॉ. बृजेश तिवारी ई- रिक्शा से ही बेंकटेश बहादुर को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां इमरजेंसी वार्ड में जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। असिस्टेंट प्रोफेसर की मौत की सूचना मिलते ही कॉलेज के तमाम प्रोफेसर और कर्मचारी मोर्चरी पर पहुंच गए।
उधर हादसे के बाद चालक बस छोड़कर भाग निकला। इस संबंध में सीओ कोतवाली सुनीता दहिया ने बताया कि जान गंवाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर के परिजनों को सूचना दे दी गई है। वे लोग मुरादाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं। उनके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
थोड़ी देर में ही हिन्दू कॉलेज प्राचार्य सत्यव्रत सिह रावत, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर सालिनी राय, हिन्दू कॉलेज शिखक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर रमाकांत, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रोफेस पूजन प्रसाद, रक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद सिंह, प्रोफेसर आशुतोष समेत कई प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर पहुंच गए। सभी के लोग यही कहते नजर आए कि स असिस्टेंट प्रोफेसर बैंकटेश बहादुर का सभी से मधुर व्यवहार था। सभी के प्रति सहयोग की भावना रखते थे। उनके जाने से पूरा कॉलेज परिवार दुखी है। बस को कब्जे में ले लिया है। चालक की तलाश की जा रही है। परिजनों के आने पर तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
