
लखनऊ, 28 अप्रैल 2025,campussamachar.com, लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ( lucknow university) ने भाषा विज्ञान विभाग की शिक्षिका डाक्टर मादी काकोटी द्वारा सोशल मीडिया में की गई पोस्ट को विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा के खिलाफ एवं छवि धूमिल करने वाला बताया है. सोशल मीडिया में की गई पोस्ट में आतकवाद को अपने तरह परिभाषित कर सवाल पूछे गए हैं ? विश्वविद्यालय प्रशासन ने आज 28 अप्रैल 2025 को संबंधित शिक्षिका डाक्टर मादी काकोटी को नोटिस जारी करते हुए 5 दिन के भीतर नोटिस का जवाब मांगा है.
latest lucknow university, : विश्वविद्यालय ( lucknow university) के कुलसचिव विद्यानंद त्रिपाठी की ओर से भाषा विज्ञान विभाग के शिक्षिका डाक्टर मादी काकोटी को दिए गए इस नोटिस में कहा गया है कि छात्रों , विभिन्न संगठनों और अन्य लोगों द्वारा इस सम्बन्ध में शिकायत की गई है कि शिक्षिका द्वारा सोशल मीडिया में की गई पोस्ट से न केवल लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर छवि भी धूमिल हुई है .
पढ़िए पूरी नोटिस

Pahalgam Terror Attack, : लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ( lucknow university) द्वारा जारी की गई नोटिस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं . सवाल यह है इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर लखनऊ विश्वविद्यालय ने संबंधी शिक्षिका को जवाब देने के लिए 5 दिन का इतना लंबा समय क्यों दिया है ? पहलगाम में आतंकवादी हमले से जुडी सोशल मीडिया में पोस्ट से लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ( lucknow university) की किरकिरी हो रही है कि टीचर्स अनुशासन हीनता कर रहे हैं और प्रशासन मौन है . यह पहला मौका नहीं है जब लखनऊ विश्वविद्यालय ( lucknow university) के किसी शिक्षक/ शिक्षिका ने इस तरह की टिप्पणी सोशल मीडिया में टिप्पणी की है, इसके पहले भी लखनऊ विश्वविद्यालय ( lucknow university) के कुछ शिक्षक लगातार सोशल मीडिया में न केवल अनर्गल टिप्पणियां करके लोगों में सामाजिक भेद पैदा करते हैं बल्कि विश्वविद्यालय परिसर में भी छात्र-छात्राओं के बीच इस तरह की सामाजिक विद्वेष वाली टिप्पणियां करते रहे हैं.
Pahalgam Terror Attack : ऐसे ही कुछ शिक्षकों के खिलाफ छात्र संगठनों ने मोर्चा खोला था और उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था लेकिन लखनऊ विश्वविद्यालय ( lucknow university) ने इन प्रदर्शनों और विरोध को नजरअंदाज करते हुए शिक्षकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की . यही कारण है कि लखनऊ विश्वविद्यालय में कई ऐसे शिक्षक हैं जो लगातार सामाजिक विद्वेष फैलाते हुए सोशल मीडिया में टिप्पणी कर रहे हैं , बल्कि सार्मंवजानिक मंच से भी मनमानी और अप्रिय वक्तव्य जारी कर रहे हैं. अब देखना महत्वपूर्ण होगा कि लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ( lucknow university) भाषा विज्ञान विभाग की शिक्षिका के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है ? या इसे भी अन्य मुद्दों की तरह टाल देता है .
