
- आज 12 मार्च 2025 हो जाने के बावजूद भी समिति को यह राशि नहीं मिली
बिलासपुर, 12 मार्च ,campussamachar.com, छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर मल्हार महोत्सव ( MALHAR MAHOTSAV ) को पुनर्जीवित करने की मांग अब और तेज हो गई है। बिलासपुर लोकहित सांस्कृतिक सेवा समिति, मल्हार ने प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ होली त्योहार के बाद 10,000 पोस्टकार्ड अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और कलेक्टर बिलासपुर को पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे, जिनमें मल्हार महोत्सव के लिए ₹20 लाख की अनुदान राशि तत्काल जारी करने की मांग की जाएगी।
होली के बाद आंदोलन क्यों?
समिति के सचिव रविशंकर केवट, कोषाध्यक्ष कृष्णकुमार साहू और उपाध्यक्ष राजेश पाटले ने बताया कि होली का पर्व भाईचारे और उत्सव का प्रतीक है। इसलिए समिति चाहती है कि लोग पहले खुशी के साथ होली मनाएं और फिर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। होली के बाद जब पूरा समाज एकजुट होगा, तब यह अभियान और अधिक प्रभावशाली होगा।
क्या है पोस्टकार्ड अभियान ?
इस अभियान में 10,000 पोस्टकार्ड भेजकर सरकार और प्रशासन से सीधा सवाल किया जाएगा:
“मल्हार महोत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। इसे बचाने के लिए शीघ्र ₹20 लाख की राशि जारी की जाए।”
पोस्टकार्ड निम्नलिखित चार बड़े संवैधानिक पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को भेजे जाएंगे:
1. प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली
2. मुख्यमंत्री कार्यालय, नवा रायपुर
3. मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, बिलासपुर
4. कलेक्टर, जिला बिलासपुर
मल्हार महोत्सव पिछले छह वर्षों से आयोजित नहीं हो सका है। 23 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर प्रवास के दौरान इस महोत्सव के लिए ₹20 लाख की घोषणा की थी। इसके बाद 20 जनवरी 2025 को संस्कृति एवं राजभाषा विभाग ने इस राशि को स्वीकृत कर जिला प्रशासन को जारी भी कर दिया।
लेकिन आज 12 मार्च 2025 हो जाने के बावजूद भी समिति को यह राशि नहीं मिली। यदि 31 मार्च 2025 तक यह राशि जारी नहीं हुई, तो अनुदान लैप्स हो जाएगा और एक बार फिर मल्हार महोत्सव का आयोजन अधर में लटक जाएगा।
क्या सरकार अनदेखी कर रही है?
समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
अगर सरकार मल्हार महोत्सव कराना चाहती है तो अब तक राशि जारी क्यों नहीं हुई?
क्या प्रशासन जानबूझकर देरी कर रहा है ताकि यह अनुदान लैप्स हो जाए?
क्या सरकार अपनी ही घोषणा पर अमल नहीं कर रही?
जनता का गुस्सा, सोशल मीडिया पर बढ़ता दबाव
अब इस मुद्दे को लेकर सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों और सांस्कृतिक प्रेमियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर #SaveMalharMahotsav ट्रेंड कर रहा है, जिसमें लोग सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
अगर प्रशासन नहीं मानी तो होगा बड़ा आंदोलन
समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 31 मार्च तक राशि जारी नहीं हुई, तो उच्च न्यायालय, बिलासपुर में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की जाएगी। इसके अलावा, सड़क पर प्रदर्शन, धरना और सांस्कृतिक विरोध कार्यक्रम भी किए जाएंगे।
होली के बाद तय होगा भविष्य
अब यह देखना होगा कि होली के बाद शुरू होने वाला यह अभियान सरकार और प्रशासन को मजबूर करता है या नहीं। क्या 10,000 पोस्टकार्ड की ताकत सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाने में सफल होगी?
अब पूरे प्रदेश की नजर इस आंदोलन पर टिकी हुई है।
