
लखनऊ , 27 जनवरी ,campussamachar.com, लखनऊ विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा ) के अध्यक्ष मनोज पाण्डेय और महामंत्री प्रोफ़ेसर अंशू केडिया ने आज 27 जनवरी को निदेशक उच्च शिक्षा को लंबित देयको के भुगतान संबंधित पत्र लिख कर समस्या के समाधान की मांग की है . प्रदेश के सहायता प्राप्त अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयो के शिक्षको के अवशेष देयको के भुगतान के संबंध में संगठन की मांग महत्वपूर्ण मानी जा रही है .सूच्य है कि वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन देयकों की राशि जारी होने से भुगतान सम्भव नहीं हो पाता है और निर्गत धनराशि वापस हो जाती है.
latest lucknow college news, : लुआक्टा की ओर इस समस्या के समाधान के लिये उच्च निदेशक को पत्र द्वारा प्रेषित कर समस्या के समाधान का आग्रह किया गया है। लुआक्टा द्वारा प्रेषित पात्र में कहा गया है कि आप अवगत है कि वित्तीय वर्ष 2024–25 के अवसान मे अब मात्र दो माह का समय अवशेष है, किंतु अभी तक प्रदेश के किसी भी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा अशासकीय सहायता प्राप्त अनुदानित महाविद्यालयो के शिक्षको/ शिक्षणेत्तर कर्मचारियो के अवशेष देयको की मांग के संबंध में कोई पत्र किसी भी महाविद्यालय के प्राचार्य/ प्रबंधक को प्रेषित नही किया गया है। यदि क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा महाविद्यालयो से अवशेष देयको की राशि की मांग नही की जायेगी तो निदेशालय एवं शासन स्तर से धन का आवंटन इस वित्तीय वर्ष मे किये जाने मे घोर असुविधा हो जायेगी। वित्तीय वर्ष के समापन से पूर्व वेतन आहरण के लिए निर्गत धनराशि से अवशेष देयको का भुगतान संभव नही है ।यह अवगत कराना समीचीन है कि पूर्व मे कई बार वित्तीय वर्ष के समापन की तिथि को निदेशालय द्वारा अवशेष के भुगतान की राशि निर्गत किये जाने के कारण, देयको का आहरण नही किया जा सका। यह भी सूच्य है कि अब कोषागार द्वारा वित्तीय वर्ष के समापन की तिथि को कोई बिल नही लिया जाता है।
Lucknow University news, : संगठन के नेताओं ने आग्रह किया है कि प्रदेश के सभी उच्च शिक्षा अधिकारियो को अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य से तत्काल अवशेष देयको के भुगतान की धनराशि की मांग करने का पत्र निर्गत करने एवं सभी क्षेत्राधिकारियो को महाविद्यालयो से प्राप्त अवशेष देयको के भुगतान की मांग उच्च शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज से यथा-शीघ्र प्रेषित करने का निर्देश प्रदान करने का कष्ट करे।
