
- भारत सरकार के राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद से मान्यता
बिलासपुर , 25 नवंबर.campussamachar.com, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) ( Guru Ghasidas University Bilaspur chhattisgarh,) नैक द्वारा ए++ ग्रेड प्राप्त विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ( Professor Alok Kumar Chakrawal Vice Chancellor of Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University) के सक्षम नेतृत्व, कुशल मार्गदर्शन एवं सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद द्वारा गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय ( Guru Ghasidas University Bilaspur chhattisgarh,) को डीम्ड अवॉर्डिंग बॉडी (ड्यूल) का दर्जा प्रदान किया गया है।
कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल ( Professor Alok Kumar Chakrawal Vice Chancellor of Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University) ने भारत सरकार के उपक्रम से प्रशिक्षण संस्थान की मान्यता मिलने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों के सहयोग एवं समन्वय के बिना संभव नहीं थी। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ का एकमात्र केन्द्रीय विश्वविद्यालय होने के साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को मूल स्वरूप में क्रियान्वित करने के लिए अपने प्रयासों से निरंतर प्रतिबद्धता स्पष्ट कर रहा है। यह मान्यता कौशल विकास के ढांचे और आयामों को युवाओँ तक सीधे पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल ( Professor Alok Kumar Chakrawal Vice Chancellor of Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University) ने कहा कि कौशल विकास पाठ्यक्रमों एवं योग्यता को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के अनुरूप बनाने के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों एवं केन्द्रीय विश्वविद्यालयों को जोड़ा जा रहा है जिससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 में उल्लेखित 50 प्रतिशत तक अनुभवजन्य शिक्षा और कौशल विकास के प्रादर्श को धरातल पर उतारा जा सके।
कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल ने कहा कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास के प्रति युवाओँ को जागरुक करने एवं स्वावलंबी बनाने के लिए स्वावलंबी छत्तीसगढ़ योजना से जोड़ रही है। राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद द्वारा अगले तीन वर्षों तक के लिए मान्यता प्रदान की गई है।
छात्रों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण का लाभ
स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम का भाग या अतिरिक्त कौशल विकास प्रशिक्षण का कार्यक्रम तैयार किया जा सकता है। शिक्षार्थी औपचारिक या अनौपचारिक शिक्षा के माध्यम से किसी भी स्तर पर आवश्यक योग्यता के लिए प्रमाणन प्राप्त कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रदान करेगा डिप्लोमा
डीम्ड अवॉर्डिंग बॉडी कौशल आधारित प्रशिक्षण का मूल्यांकन करेगी। इसके उपरांत क्रेडिट एवं योग्यता प्रमाण-पत्र अथवा कौशल डिप्लोमा अथवा राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप क्रेडिट प्रदान करेगी। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क के अंतर्गत पाठ्यक्रमों को संचालित करेगी। जिसमें कौशल आधारित प्रशिक्षण संस्थान के सभी प्रावधानों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
प्रशिक्षण की संरचना
कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रशिक्षण के अंतर्गत क्षमता संवर्धन पाठ्यक्रम, कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम, मूल्य वर्धित सामान्य पाठ्यक्रम या ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम मुख्य रूप से शामिल रहेंगे।
