

- सीयू में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन.
बिलासपुर, 22 फरवरी,campussamachar.com । गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) ( Guru Ghasidas University Bilaspur) में राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 21 फरवरी, 2025 को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन किया गया।
इस वर्ष मातृभाषा दिवस की थीम भाव एक: भाषाएं अनेक है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ( Professor Alok Kumar Chakrawal Vice Chancellor of Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University,) ने कहा कि मातृभाषा मां के समान भाव का पोषण करती है।
कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल ( Professor Alok Kumar Chakrawal Vice Chancellor of Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University) ने कहा कि हमें सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। भाषा का अपना इतिहास, संस्कृति और व्याकरण होता है जिसके संरक्षण की जरूरत है। मातृभाषा व्यक्ति को सीधे आंतरिक भाव से जोड़ती है। भाषा निरंतर यात्रा करते हुए समृद्ध होती है। हमारे दिमाग की क्षमता असीम है जिसमें कई भाषाओँ की सीखने की योग्यता है। हमें निरंतर नवीन भाषाओं को सीखने, अध्ययन एवं संरक्षण पर कार्य करना चाहिए।
मुख्य अतिथि नीरज जज्ञासी, महामंत्री सिंधी सेंट्रल युवा विंग, बिलासपुर ने कहा कि भारत में भाषाई सांस्कृतिक विविधता है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा जीवन की नींव है। उन्होंने सिंधी भाषा के इतिहास एवं विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली द्वारा सिंधी भाषा के विस्तार के लिए किये जा रहे प्रयासों की संराहना की। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. ए.एस. रणदिवे ने कहा कि भारत की विभिन्न भाषाओँ में पुरातन ज्ञान समाहित है। हमारी मातृभाषा ज्ञान के प्रवाह का माध्यम है। उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा भाषाओं का अध्ययन करना चाहिए।
campussamachar.com, : हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. गौरी त्रिपाठी ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में हिंदी के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं ने विशेष योगदान दिया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में मातृभाषा में जिन प्रावधानों का उल्लेख किया गया है उनका विश्वविद्यालय में क्रियान्वयन किया जा रहा है।
इससे पूर्व अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर मां सरस्वती की प्रतिमा तथा बाबा गुरु घासीदास जी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित किये गये। मंचस्थ अतिथियों का नन्हें पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. अमित कुमार सक्सेना ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उद्बोधन दिया। श्री अखिलेश तिवारी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
अतिथियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. शैलेन्द्र कुमार ने तथा संचालन डॉ. प्रिंसी मतलानी ने किया। इस कार्यक्रम का आयोजन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, राजभाषा प्रकोष्ठ एवं हिंदी विभाग के द्वारा किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यपीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
