
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ प्रधानपाठक कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से प्राथमिक शालाओं के बच्चों की मिडलाइन परीक्षा का समय परिवर्तन की मांग की है। प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे का कहा है कि मिडिल स्कूल का समय 11 बजे से हैं जबकि प्राथमिक शाला में परीक्षा का समय सुबह आठ बजे निर्धारित किया गया है। ऐसे में मिडिल स्कूलों के बड़े बच्चे सुबह 11 बजे आएंगे जबकि प्राथमिक शालाओं के छोटे बच्चे सुबह आएंगे और यह किसी ढंग से व्यवहारिक नहीं है। इतना ही नहीं ठंड के मौसम में छोटे बच्चों को अधिक परेशानी होगी और स्कूलों में उनकी उपस्थिति नगण्य ही रहेगी। ऐस में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि वे मिडिल और प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की मिडलाइन परीक्षा एक साथ 11 बजे से कराएं। ऐसा करने से एक- दूसरे स्कूल के शिक्षक भी सहयोग करेगें।
सहानुभूतिपूर्व करें विचार
छत्तीसगढ़ प्रधानपाठक कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से निवेदन किया है कि वे मिडिल व प्राथमिक शालाओं के बच्चों की मिडलाइन परीक्षा एक साथ सुबह ११ बजे से कराने पर सहानुभुति पूर्वक विचार करें। उन्होंने कहा कि परीक्षा टाइम टेबल के अनुसार ही होंगी, ऐसा आदेश है लेकिन
जहां स्कूलो में शिक्षक ही नहीं है , वहां का पेपर कौन लेगा ? उन्होंने सवाल किया कि जहां एक हेड मास्टर के सहारे स्कूल खुल रहा है, वहां पाँच- पाँच कक्षा के पेपर कैसे होंगे। ऐसे में परीक्षाएं नहीं सिर्फ खानापूर्ति ही होगी और बच्चों के हितों से खिलवाड़ तय है। शिक्षा विभाग के अधिकारी तमाशा बनाकर बच्चें के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
