

- शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमोरा अकलतरा जांजगीर चांपा छ ग के प्रधान पाठक एवं छ ग प्रधान पाठक कल्याण संघ 3664 के प्रांताध्यक्ष जयंत सिंह क्षत्रिय ने अंश कालीन सफाई कर्मियों के मांगों के समर्थन में अपने स्वयं के शाला में झाड़ू लगाकर शासन को अवगत कराया।
जांजगीर चांपा, 12 अगस्त , शासकीय शालाओं में इन दिनों अंशकालीन सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले जाने से शासकीय प्राथमिक शाला पूर्व माध्यमिक शाला हाई तथा हायर सेकेण्डरी शालाओं में जहां पर नियमित सफाई कर्मचारी प्यून की नियुक्ति नहीं हुई है वहां पर आजकल भारी अव्यवस्था का आलम छाया हुआ है और चूंकि शासन के निर्देशानुसार किसी भी छात्र छात्राओं से किसी भी प्रकार के कार्य नहीं कराया जाना है.
ऐसे में शाला के संस्था प्रमुख एवं शिक्षक शिक्षिकाओं पर स्वच्छता अभियान को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है और शाला के प्रधान पाठक स्वयं झाड़ू लगाने हेतु मजबूर हो गए है क्योंकि उच्च अधिकारी मॉनिटरिंग एवं निरीक्षण में आएंगे तो सीधा सीधा संस्था प्रमुख पर गाज गिराते है।इसी तारतम्य में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमोरा अकलतरा जांजगीर चांपा छ ग के प्रधान पाठक एवं छ ग प्रधान पाठक कल्याण संघ 3664 के प्रांताध्यक्ष जयंत सिंह क्षत्रिय ने अंश कालीन सफाई कर्मियों के मांगों के समर्थन में अपने स्वयं के शाला में झाड़ू लगाकर शासन को अवगत कराया।साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के सभी शासकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं में एक नियमित सफाई कर्मी प्यून की नियुक्ति भी किया जाना है परंतु उनके पद रिक्त होने की वजह से शासन के कई महत्वपूर्ण डाक के आदान प्रदान करने में भी भरी असुविधा होती है और कार्य में व्यवधान भी उत्पन्न होता है।
उन्होंने आगे बताया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अकलतरा जिला जांजगीर चांपा के नियमित सफाई कर्मचारी प्यून के पद की स्वीकृति/कार्यरत/रिक्त पद की जानकारी देते हुए बताया कि 71 स्वीकृत 15 कार्यरत तथा 56 रिक्त होने की जानकारी भी बताया ।ऐसे में शिक्षा व्यवस्था के गुणवत्ता पर सवाल भी उठाया जा सकता है ।यशस्वी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छता अभियान पर भी विद्यालय में साफ सफाई नहीं होने और नियमित रूप से प्यून की भर्ती भी नहीं होने से पूर्ण नहीं होने के आसार दिखाई पड़ती है जबकि प्रायः देखने में यह मिलता है कि शिक्षा विभाग के कार्यालयों में माध्यमिक शाला के स्वीकृत नियमित प्यून को कार्य कराया जा रहा है और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के अधिनस्त कुर्सियों में बैठकर कार्यालयीन कार्य भी कर रहे है और तो और शिक्षकों तथा प्राचार्य माध्यमिक विद्यालय के प्रधान पाठक जो कि राजपत्रित अधिकारी होते है उनको उनके सामने खड़े रहकर अपने कार्यालयीन पत्र को आवक जावक में घंटों खड़े रहना पड़ता है और ये नियमित प्यून है कि उनको बैठने तक के लिए कुर्सी भी नहीं देते ।ऐसी व्यवस्था पर भी शिक्षा विभाग पर सवाल उठाया जा सकता है।
साथ ही आजकल विद्यालय जैसे पवित्र स्थान पर जहां ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा अर्चना किया जाता है वहां पर प्रधान पाठक,शिक्षक और नियमित चपरासी लोग शराब सेवन कर शाला आते है और बेसुध होकर ऊटपटांग हरकत भी करते है जिससे उनके ऊपर शिकायत करने वालों को भी धमकाया जा रहा है और किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं किया जा रहा है जबकि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि शराब ,सिगरेट ,बीड़ी तंबाकू ड्रग्स इत्यादि नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर शख्त से शख्त कार्यवाही किया जाना है ।अब ऐसे में शिक्षा जैसे विभाग में बहुत बड़ा सवाल खड़ा किया जा रहा है और शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे चुपचाप बैठे हुए है जो कि अत्यंत ही गंभीर मामला है।
