
बिलासपुर शहर में शहरी स्त्रोत समन्वयक वासुदेव पांडे के नेतृत्व में संकुल समन्वयक प्रभात मिश्रा,आकाश वर्मा, राकेश मौर्य और सत्येंद्र श्रीवास द्वारा विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया.
बिलासपुर , 04 दिसम्बर , भारत सरकार की बच्चों के रचनात्मक विकास को बढ़ावा को लेकर एक सकारात्मक पहल जिसे पहले नेशनल अचीवमेंट सर्वे के नाम से जाना जाता था अब “परख” यानी परफॉर्मेंस असेसमेंट रिव्यू एंड एनालिसिस ऑफ नॉलेज फॉर हॉलिस्टिक डेवलपमेंट नई शिक्षा नीति 2020 के नाम से आयोजित हुआ।
इस परीक्षा में बिलासपुर जिले से शासकीय,अनुदान प्राप्त और निजी विद्यालय को मिलाकर कुल 141 विद्यालयों का चयन किया गया था जिसमें बिलासपुर शहर से 64 विद्यालय के बच्चों ने भाग लिया इस आयोजन को सफल बनाने के लिए 18,25 और 29 नवंबर को मॉक टेस्ट का आयोजन किया गया था जिसका अवलोकन शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारियों के द्वारा लगातार किया जा रहा था जिसमें प्रमुख रूप जिला शिक्षा अधिकारी टी.आर.साहू डीएमसी बिलासपुर अनुपमा राजवाड़े विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुनीता ध्रुव एवं शहरी स्त्रोत समन्वयक वासुदेव पांडे ने सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभाई।

आज शहर के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया जिसमें मुख्य रूप से सेंट जोसेफ स्कूल, बंगाली हायर सेकेंडरी स्कूल ,आंध्र हायर सेकेंडरी स्कूल ,पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बिलासपुर और रेलवे स्कूल क्रमांक एक शामिल है चूंकि यह परीक्षा बच्चों के तार्किक क्षमता के विकास के लिए आयोजित थी. इसलिए कुछ प्रश्न रचनात्मक स्तर के पूछे गए थे जिनका हल करने में विद्यार्थियों ने कठिनाई महसूस की ओ.एम.आर. शीट और क्वेश्चन बुकलेट की व्यवस्था शासन के द्वारा पहले ही की जा चुकी थी.

इस परीक्षा को सफल बनाने के लिए एक आब्जर्वर के साथ ही एफ.आई. की टीम मौजूद रही. जिले के तमाम पदाधिकारी आज विभिन्न विद्यालयों के दौरे पर रहे और इस महापरीक्षा को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की इसी कड़ी में बिलासपुर शहर में शहरी स्त्रोत समन्वयक वासुदेव पांडे के नेतृत्व में संकुल समन्वयक प्रभात मिश्रा,आकाश वर्मा, राकेश मौर्य और सत्येंद्र श्रीवास द्वारा विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया जहां बच्चों की अच्छी उपस्थिति दर्ज की गई परीक्षा पूर्णतः शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ।
