
- कार्यक्रम का संचालन करते हुए पंकज प्रसून ने अलंकार रस्तोगी के उपन्यास को श्री लाल शुक्ला के उपन्यास राग दरबारी के बाद का सार्थक प्रयास कहा.
लखनऊ , 20 फरवरी , campussamachar.com, उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के तत्वावधान में अंतराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान, गोमतीनगर में आज Sarvesh Asthana Mukul Mahan Mahendra Bhishma Pankaj Prasun जैसे देश के जाने माने साहित्यकारों और व्यंग्यकारों द्वारा अलंकार रस्तोगी के व्यंग्य उपन्यास पंडित भया न कोय का शानदार विमोचन हुआ.
इस अवसर पर सर्वेश आस्थाना ने अलंकार रस्तोगी को लखनऊ व्यंग्य की परंपरा का वाहक कहा. उन्होंने कहा कि गोपाल चतुर्वेदी, श्री लाल शुक्ला, के पी सक्सेना की विरासत को आगे ले जाने का काम अलंकार बखूबी कर रहे हैँ. व्यंग्य उपन्यास लिखना आसान नही हैँ. कार्यक्रम का संचालन करते हुए पंकज प्रसून ने अलंकार रस्तोगी के उपन्यास को श्री लाल शुक्ला के उपन्यास राग दरबारी के बाद का सार्थक प्रयास कहा.
