

- बालिका विद्यालय में विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ 03 दिसम्बर , बालिका विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज, मोतीनगर, लखनऊ ( Balika Vidyalaya Inter College lucknow) में आज विश्व दिव्यांग दिवस ( World Disability Day 2025) के अवसर पर बालिका विद्यालय में विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। विषय प्रवर्तन करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र ने कहा कि शरीर में किसी भी अंग की अनुपस्थिति या कमजोरी अथवा उसकी कार्यक्षमता औसत से कम रहने की अवस्था को दिव्यांगता कहा जाता है।
दिव्यांगता ( World Disability Day 2025) या तो जन्मजात होती है या किसी बीमारी या दुर्घटनावश हो जाती है अथवा किसी औषधि के दुष्प्रभाव के रूप में। पीडबल्यूडी अधिनियम 2016 में कुल 21 प्रकार की दिव्यांगताओं का विवरण है जैसे- अंधापन, अल्प दृष्टि, कुष्ट रोग से ठीक हुए व्यक्ति, श्रवण बाधित, लोकोमोटर विकलांगता, बौनापन, बौद्धिक विकलांगता, मानसिक बीमारी, ऑटिज़म स्पेक्ट्रम विकार, मस्तिष्क पक्षाघात, मांसपेशीय दुर्विकास, क्रानिक न्यूरोलॉजीकल स्थितियाँ, सीखने की विशिष्ट अक्षमताएँ, मल्टीपल इस्कलेरोसिस, वाणी तथा भाषा विकलांगता, थैलासीमिया, हीमोफीलिया, सिकल सेल रोग, बहरापन-अंधापन सहित अनेक विकलांगताएँ, एसिड अटैक पीड़ित और पार्किनसंस रोग। 03 दिसम्बर को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर बालिका विद्यालय में विविध कार्यक्रमों का आयोजन पूनम यादव, मंजुला यादव और प्रतिभा रानी के निर्देशन में हुआ।
विद्यालय ( Balika Vidyalaya Inter College lucknow) की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र ने कहा कि विश्व दिव्यांग दिवस ( World Disability Day 2025) को मनाये जाने का उद्देश्य विकलांगता से जुड़े मुद्दों की समझ को बढ़ावा देना और दिव्यांग लोगों के अधिकारों, उनके कल्याण और सम्मान के लिए समाज का व्यापक समर्थन एकत्र करना है। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर अपने मन की बात कार्यक्रम में शारीरिक रूप से अक्षम लोगों ( World Disability Day 2025) को नया नाम दे दिया था। उनका कहना था कि ऐसे व्यक्तियों के लिए दिव्यांग शब्द का प्रयोग होना चाहिए़ क्योंकि उनके पास अतिरिक्त संवेदनशीलता, शक्ति और ऊर्जा होती है।
इन्हीं विचारों के साथ छात्राओं ने उत्साहपूर्वक निबंध और स्लोगन प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। स्लोगन प्रतियोगिता में शालिनी पाल, शिल्पी यादव और मांडवी सिंह को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिया गया और निबंध प्रतियोगिता में अराधना निषाद, चाहत और दुर्गा को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिया गया। प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र द्वारा सभी विजयी छात्राओं को सर्टिफिकेट दिए गए ।
