
- इस अवसर पर डॉ. दीपक गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में हमारे राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ पूर्ण हो रही है।
- विद्यार्थियों ने भाषण और नाट्य प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् गीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को अत्यंत सुंदर रूप में प्रस्तुत किया गया।
लखनऊ, 08 नवम्बर , राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय (University of Lucknow) में 07 नवम्बर को फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में किया गया। यह कार्यक्रम एन.एस.एस. प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. दीपक गुप्ता एवं एन.एस.एस. ऑफिसर डॉ. खुशबू वर्मा के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में छात्र कुलदीप सिंह के सहयोग से आयोजित किया गया तथा तनु श्रीवास्तव और ज्योत्स्ना द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. रचना पाठक की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। कार्यक्रम की शुरुआत संगीत दल द्वारा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई, जिससे वातावरण देशभक्ति और गर्व की भावना से भर उठा। इस अवसर पर डॉ. दीपक गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में हमारे राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ पूर्ण हो रही है। उन्होंने वंदे मातरम् के इतिहास, रचना काल तथा इसके राष्ट्रीय आंदोलन में योगदान के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को इसके देशभक्ति, मातृभक्ति और एकता के संदेश को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यार्थियों ने भाषण और नाट्य प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् गीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को अत्यंत सुंदर रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में संकाय अध्यक्ष ने प्रेरणादायक संबोधन दिया और सभी से राष्ट्र की एकता, सम्मान और मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया। समापन पर सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया, जिससे वातावरण में देशभक्ति की भावना गूंज उठी। इस प्रकार लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम हमारे देशप्रेम, एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की सजीव अभिव्यक्ति बना. .
