
- प्रदेश के माध्यमिक तदर्थ शिक्षकों के रोके गये वेतन का शीघ्र हो वेतन भुगतान, उन्हें विनियमित किये जाने में CM करें हस्तक्षेप – डॉ जितेंद्र सिंह पटेल
- वर्ष 2000 तक के नियुक्त शिक्षक नियमा नुसार रेगुलर होने के दायरे में, मुख्यमंत्री जी मामले मे करें हस्तक्षेप -ओम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ, 23 सितम्बर। उ प्र माध्य मिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने प्रदेश के सहायता प्राप्त अ शा स की य माध्य मिक शिक्षण संस्थानों में विगत ३० दिसंबर २०००, के पूर्व नियुक्त लगभग २३०० तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने के बजाए उन्हें छ महीने से वेतन भुगतान तक न किये जाने पर अत्यंत गहरी नाराज़गी जाहिर की है। संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ जितेंद्र सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओंम प्रकाश त्रिपाठी ने इस संवेदनशील मामले में तत्काल हस्त्त क्षेप किये जाने की मांग की है।
शिक्षक नेताओ ने कहा कि शिक्षा विभाग के सक्षम अधिकारियों द्वारा सरकार को गुमराह कर शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। गौरतलब हो कि ये सभी शिक्षक शिक्षि काएं तत् समय लागू नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत कठिनाई निवारण अधिनियमित व्यवस्था में नियुक्त किये गए थे। वे अट्ठाइस से तीस वर्ष तक सेवा करने मे अपना योगदान किया। अब उन्हें सेवा से हटाया जाना जहाँ एक ओर अधिनियम के प्रावधानों के सर्वथा विपरीत तो है ही मानवीय संवेदनाओं की भी पराकाष्ठा है।

सूबे की योगी आदित्यनाथ जी की सरकार जहाँ एक ओर प्रदेश में नये नये रोजगार की दिशा में प्रयासरत है और रोजगार मेले तक आयोजित कार्यक्रम कर लोगो को रोजगार देने मै जुटी है वही पर माध्य मिक शिक्षा विभाग द्वारा एक लंबी उम्र में इतनी लंबी सेवा करने के बाद भी सेवा से हटाये जाने की बात सोचना भी सरकार के खिलाफ छवि धूमिल करने की साजिस सी प्रतीत होती है। यह आज शिक्षा जगत के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
शिक्षक नेताओ ने आज इस मामले मे फिर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का ध्यान आकृष्ट किया है और उनसे सभी विगत ढाई दशक वर्षो से सेवा र् त तदर्थ शिक्षकों को उ प्र माध्य मिक शिक्षा सेवा आयोग अधिनि यम की धारा 33- छ के अंतर्गत निर्धरित समय सीम तीस दिसंबर 2000 तक की सेवा को विनियमित कर उनके छ महीने से रोके गए वेतन तत्काल भुगतान किये जाने की पुरजोर मांग की है। ऐसा किये जाने से प्रदेश की माध्य मिक शिक्षा जगत से हमेशा के लिए तदर्थ वाद समाप्त भी हो सकेगा।
