
- पांडेय गुट ने की सूबे के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ जी से तदर्थ शिक्षकों के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय को लागू कराने की माँग
- तदर्थ शिक्षकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला पांडेय गुट
- तदर्थ सेवाएं जोड़ कर मिलेगा चयन एवं प्रोन्नाती वेतनमान डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
- सरकार को बदनाम कर रहे शिक्षा अधिकारी यो से हो वसूली
लखनऊ, 20 जून, campus samachar.com, उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ ( पांडेय गुट ) ने विगत 16 जून को तदर्थ शिक्षकों के मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किये गए फैसले का हार्दिक स्वागत किया है। संघ के प्रांतीय संरक्षक विजय कुमार सिंह, प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं वरिष्ठ शिक्षक नेता ओंम प्रकाश त्रिपाठी ने इस फैसले को ऐतिहासिक निर्णय करार दिया है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट ने शिव कुमार शुक्ल vs यू पी स्टेट में पारित निर्णय मे शिक्षक के संबंध में हाईकोर्ट के सिंगल बेंच मे दिये गये फैसले को बरकरार रखने और तदर्थ सेवाओ को जोड़ कर सभी परिणामी लाभो यथा चयन एवं प्रोन्नति वेतन मान दिये जाने के ऐतिहासिक निर्णय को बरकरार रखा है। शीर्ष न्यायालय ने यही तक नहीं वर्ष, 2000 के पूर्व नियुक्त तदर्थ शिक्षकों को सभी लाभो के साथ साथ पेंशन व अन्य सेवानिवृतिक सभी सुबिधाये दिये जाने के भी आदेश जारी किया है।

संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ पटेल, संरक्षक विजय कुमार सिंह एवं वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने अपनी तीखी आलोचना मे कहा कि जब तक सरकार को बदनाम करने एवं संवेदन हीन करार देने वाले शिक्षा अधिकारी दंडित नही होंगे तब तक वे सरकार की छवि धूमिल करते रहेगे। शीर्ष न्यायालय ने सरकार की विशेष याचिका पर कड़ी टिप्पड़ी करते हुए अस्वीकार कर डिस्मिस कर दिया। इससे सरकार की किरकिरी भी हुयी और बदनामी भी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलो की गहन समीक्षा होनी चाहिए। शिक्षक नेताओ ने कहा कि सरकार वर्ष, 2000 के पूर्व नियुक्त सभी तदर्थ शिक्षकों को अब बिना किसी भेद भाव के विनियमित करने एवं आदेश के अनुपालन में सभी परिणामी लाभो के साथ साथ 22 मार्च 2016 अधिनियम की धारा,, 33 छ के तहत विनियमित करने के आदेश निर्गत किये जाने की माँग की है।
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