
- शासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार एक से दूसरे जिले में सामान्य तबादले के लिए सेवा अवधि की कोई बाध्यता नहीं होगी।
लखनऊ , 24 मई , campussamachar.com, प्रदेश में 2016 में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के जिले के अंदर सामान्य तबादले किए गए थे। उस समय ऑफलाइन तबादले किए गए थे। इसके बाद से लगातार शिक्षक सामान्य तबादला करने की मांग कर रहे हैं। किंतु 2023 में एक से दूसरे जिले में सामान्य तबादले तो किए गए लेकिन जिले के अंदर नहीं हुए। ऐसे में आठ साल बाद जिले के अंदर सामान्य तबादले किए जाएंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार आरटीई की नियमावली के मानकों के अनुसार विद्यालयों में तर्कसंगत परिनियोजन (रेशनल डिप्लॉयमेंट) के तहत जिले के अंदर तबादला व समायोजन किया जाएगा। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय कमेटी होगी। इसमें सीडीओ, डायट प्राचार्य व बीएसए शामिल होंगे। तबादले ग्रामीण सेवा संवर्ग से ग्रामीण सेवा संवर्ग व नगर क्षेत्र से नगर क्षेत्र में किए जाएंगे।
शिक्षक-छात्र अनुपात पर होगा एक से दूसरे जिले में तबादला
शासन के अनुसार यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध छात्र संख्या के आधार पर आरटीई के मानक के अनुसार छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार शिक्षकों की आवश्यकता वाले व अधिक शिक्षक वाले जिलों को चिह्नित कर सूची ऑनलाइन की जाएगी। ज्यादा शिक्षक वाले जिलों से कम शिक्षक वाले जिलों में ऑनलाइन विकल्प लेकर तबादला किया जाएगा। तबादले के लिए नियमित शिक्षक ही योग्य होंगे। शिक्षकों को यह शपथपत्र भी देना होगा कि वह स्वेच्छा से दूसरे जिले में तबादला ले रहे हैं। उस जिले में वह सहायक अध्यापकों की वरिष्ठता सूची में निम्न क्रम में रखे जाएंगे। इसी के अनुसार भविष्य में उन्हें पदोन्नति भी दी जाएगी।
एक से दूसरे जिले के तबादले में सेवा अवधि की बाध्यता नहीं
शासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार एक से दूसरे जिले में सामान्य तबादले के लिए सेवा अवधि की कोई बाध्यता नहीं होगी। जबकि पूर्व में पुरुषों के लिए पांच साल और महिलाओं के लिए दो साल की न्यूनतम सेवा अवधि जिले में पूरी होने की बाध्यता थी। वहीं जिले के अंदर सामान्य तबादले के लिए पहले भी सेवा अवधि की कोई बाध्यता नहीं थी, इस बार भी नहीं है।
