
- आम आदमी पार्टी यूपी प्रभारी सांसद संजय सिंह ने कार्यकर्ताओं सहित मेरठ जनपद में प्राथमिक विद्यालय गोटका से प्राथमिक विद्यालय गगोल नंबर 2 तक विरोध प्रदर्शन करते हुए पैदल मार्च किया ।
- स्कूल बंद कर गरीब बच्चों के भविष्य का हमला कर रही सरकार -संजय सिंह
मेरठ, 17 जुलाई । योगी सरकार के तमाम सरकारी स्कूल बंद करने ( UP Primary School Merger ) और शराब की दुकान खोलने के फैसले के खिलाफ बुधवार को आम आदमी पार्टी यूपी प्रभारी सांसद संजय सिंह ने कार्यकर्ताओं सहित मेरठ जनपद में प्राथमिक विद्यालय गोटका से प्राथमिक विद्यालय गगोल नंबर 2 तक विरोध प्रदर्शन करते हुए पैदल मार्च किया । इस दौरान गांव के सैकड़ों बच्चे और अभिभावक उनके साथ पैदल मार्च में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की ।
आप यूपी प्रभारी सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर शिक्षा विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा यूपी में शिक्षा के मंदिर बंद किए जा रहे हैं यह गरीब दलित पिछड़ा वंचित समाज के बच्चों के भविष्य का हमला है हम सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे । संजय सिंह ने बताया स्कूलों का बंद किया जाना शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है जो हर बच्चे को एक किलोमीटर के दायरे में स्कूल की गारंटी देता है स्कूल की दूरी अधिक होने से बालिकाओं सहित कई बच्चों की पढ़ाई छूट रही है ।
उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में लाखों बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं, वहां हजारों स्कूल ( UP Primary School Merger ) या तो बंद कर दिए गए हैं या जर्जर हालत में चल रहे हैं, और दूसरी तरफ शराब की दुकानों की बाढ़ आई हुई है। आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर 1.93 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। माध्यमिक में 3,872 और वरिष्ठ माध्यमिक में 8,714 शिक्षक नहीं हैं। मतलब ये कि सरकार खुद मानती है कि करीब 2 लाख शिक्षक नहीं हैं, लेकिन फिर भी उनकी भर्ती की कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई। कई जिलों में ऐसे प्राथमिक विद्यालय चल रहे हैं जहां सिर्फ एक शिक्षक पूरे स्कूल को संभाल रहा है।
UP Primary School Merger : उन्होंने कहा कि योगी सरकार 27 000 स्कूलों को बंद करने की तैयारी में है, यह कहते हुए कि वहां बच्चों की संख्या कम है। लेकिन बच्चों की संख्या इसलिए कम है क्योंकि सरकार ने शिक्षक नहीं दिए, सुविधाएं नहीं दीं, और स्कूलों ( UP Primary School Merger ) को खुद ही बर्बाद किया।
संजय सिंह ने कहा कि ये सब उस सरकार के राज में हो रहा है जो हर दिन ‘डबल इंजन सरकार’ की दुहाई देती है। जब स्कूल बंद हो रहे थे, तब सरकार ने प्रदेश के खाली खजाने प्रदेश में 27,308 शराब की दुकानें खोल दीं। सरकार को शिक्षा की नहीं, शराब के ठेकों की चिंता है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में प्रति छात्र शिक्षा पर सिर्फ ₹9,167 सालाना खर्च हो रहा है, जो कि राष्ट्रीय औसत ₹12,768 से कहीं कम है।
up school news : उन्होंने कहा कि योगी सरकार का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है – यह सरकार नहीं चाहती कि गरीब, दलित, पिछड़ा और किसान का बच्चा पढ़-लिखकर आगे बढ़े। इसीलिए शिक्षा को पूरी तरह से तबाह किया जा रहा है, स्कूलों को या तो मर्ज कर दिया गया है या उन्हें खस्ताहाल छोड़ दिया गया है।
आम आदमी पार्टी ने पूरे प्रदेश में ‘स्कूल बचाओ आंदोलन’ ( UP Primary School Merger ) शुरू किया है। हम गांव-गांव जाकर जनता को बताएंगे कि योगी सरकार बच्चों से किताबें छीनकर शराब की बोतल थमा रही है। हम ‘मधुशाला नहीं पाठशाला चाहिए’ के नारे के साथ यह आंदोलन तब तक चलाएंगे जब तक प्रदेश में हर बच्चे को शिक्षक, स्कूल और शिक्षा का अधिकार नहीं मिल जाता।
संजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि योगी सरकार ने तुरंत शिक्षक भर्ती, स्कूलों की मरम्मत और बंद स्कूलों को फिर से शुरू करने की दिशा में कदम नहीं उठाया तो आम आदमी पार्टी यह मुद्दा ( UP Primary School Merger ) सड़क से सदन तक जोरशोर से उठाएगी। और हर मोर्चे पर सरकार को बेनकाब करेंगी। संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी प्रदेश के सभी जिलों में “स्कूल बचाओ अभियान” चला रही है। प्राथमिक विद्यालयों में गरीबों के बच्चे पढ़ रहे हैं। आम आदमी पार्टी गरीबों के बच्चों की पढ़ाई को बंद नही होने देंगी । योगी सरकार सरकारी स्कूल नही बंद ( UP Primary School Merger ) कर रही बल्कि बाबा साहब अंबेडकर जी के उस सपने को कुचल रही है जिसमे वह शिक्षा को शेरनी का दूध मानते थे।
