
- शिक्षक नेताओ ने कहा कि यह अभी तो बेसिक शिक्षा के लिए है आने वाले दिन दूर नही माध्यमिक विद्यालय और डिग्री कॉलेज भी इससे अछूते नही रह पायेंगे। उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का इस गंभीर मामले की ओर व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित किया है.
लखनऊ, 26 जून, campus samachar.com, राज्य सरकार द्वारा सूबे के बेसिक स्कूलों में घटती छात्र संख्या को लेकर मर्जर ( UP Primary School Merger) किये जाने की पॉलिसी का पांडेय गुट ने कड़ा विरोध जताया है। इन शिक्षण संस्थानों में घटती छात्र संख्या ( Merger Of Schools With Low Student Numbers ) के लिए केवल शिक्षक अकेले जिम्मेदार नही है।
संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं वरिष्ठ शिक्षक नेता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने आज जारी अपने एक बयान मे कहा कि जहा हजारो शिक्षण संस्थानों में मात्र एक, दो अथवा शिक्षा मित्र के सहारे संचालित हो रहे हैं और धडले से मान्य ता लेकर निजी स्कूलों को चलाया जा रहा है वहाँ पर आकर्षक ऑफर देकर लुभाने का कार्य किया जा रहा है। वहाँ का पाठ्यक्रम अलग है लोग आकर्षित हो कर पलायन कर रहे है। दोहरी शिक्षा प्रणाली के चलते अमीरी गरीबी की खायी दिनों दिन बढती जा रही है।

शिक्षक नेताओ ने कहा कि जब तक एक समान पाठ्य क्रम सभी शिक्षण संस्थानों के लिए सरकार लागू नहीं करेगी और अपने सरकारी स्कूलों को बेहतर शैक्षिक वातावरण नही प्रदान करेगी पलायन पर अंकुश नही लग पायेगा।
शिक्षक नेताओ ने कहा कि कम छात्र संख्या के स्कूलों को मर्जर ( UP Primary School Merger) किया जाना एक साकारात्मक पहल नही है। सरकार की इस पालिसी से छात्र मर्जर किये गए स्कूलों में न जा कर अपनी पढाई लिखाई बंद कर घर बैठ जायेंगे और सरकार की शिक्षा नीति धरी की धरी रह जायेगी। शिक्षक नेताओ ने कहा कि यह अभी तो बेसिक शिक्षा के लिए है आने वाले दिन दूर नही माध्यमिक विद्यालय और डिग्री कॉलेज भी इससे अछूते नही रह पायेंगे। उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का इस गंभीर मामले की ओर व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित किया है और उनसे तत्काल विरोध का पूरे प्रदेश में स्वर मुखरित हो समय रहते राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में कडाई से पहल की जाए और इस तरह के मामले पर विराम लगाये जाने की माँग की है।
