
नई दिल्ली . उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ( Yogi Cabinet) के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा गरम है। माना जा रहा है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) की जीत सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। Bharatiya Janata Party नेतृत्व ऐसा करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के वोटों को साधने की कोशिश कर रही है। अभी फिलहाल अधिकृत तौर पर यह साफ नहीं हो पाया है कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा और किसे मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा ऐसे में विधायकों के नाम चर्चा में जरूर आ गए हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में स्थान मिलेगा। ऐसे नामों में कांग्रेस से भाजपा में आए जितिन प्रसाद का नाम सबसे आगे है। इसके साथ ही संगीता बिंद, छत्रपाल गंगवार, पलटूराम जैसे कई नाम हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर नजर रखने वाले दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा (Senior journalist Rajeev Sharma) का कहना है कि Bharatiya Janata Party नेतृत्व मंत्रिमंडल विस्तार में उन लोगों को जगह देने का काम कर रहा है, जो उसे अगले विधानसभा चुनाव में वोट दिला सकते हैं। शर्मा का कहना है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा ओबीसी के एक हिस्से को अपने साथ जोडऩे के लिए तेजी से काम कर रही है और काफी हद तक सफलता मिलती दिख रही है। वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा का कहना है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति पिछले विधानसभा चुनाव जैसी होगी जबकि सपा व बसपा के मुस्लिम वोट आपस में बंटेंगे। ऐसे में मुस्लिम प्रभाव वाले विधानसभा चुनाव में भी Bharatiya Janata Party बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
गौरतलब है कि Bharatiya Janata Party नेतृत्व लगातार उत्तर प्रदेश के नेताओं के साथ मंथन कर रहा है ताकि किसी भी सूरत में अगला विधानसभा चुनाव जीता जाय। माना जा रहा है कि अगले विधानसभा चुनाव के पहले यह अंतिम मंत्रिमंडल फेरबदल होगा लेकिन राजनीति में ऐसा दावा करना ठीक नहीं है, क्योंंकि क्रिकेट और राजनीति की बिसात हर वक्त बदलती रहती है।
