

- पंचायत की अध्यक्षता सुरेन्द्र सिंह व संचालन प्रेम नाथ राय ने किया।
- पंचायत के अन्त में 14 सूत्रीय मॉग पत्र प्रषासन को सौंपा गया।
- मजदूर पंचायत में 20 मई 2025 की आम हड़ताल की समर्थन का प्रस्ताव पास किया।
लखनऊ , 21 अप्रैल 2025, campussamachar.com, प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज 21 अप्रैल को मजदूर पंचायत का आयोजन किया गया . प्रदेश भर से जुटे श्रमिकों का आह्वान किया गया कि वे एकजुट होकर आन्दोलन करें . इस पंचायत में 20 मई 2025 की आम हड़ताल की समर्थन का प्रस्ताव पास किया। सीटू के राष्ट्रीय महासचिव तपन सेन ने कहा कि केन्द्र व राज्यसरकार मजदूरों के खिलाफ नीतियॉ बना रही है। मजदूर इसके खिलाफ आक्रोशित है। इनके खिलाफ पूरे देश में लड़ाई लड़ रहा है। चारो श्रम संहिता की आलोचना करते हुये कहा कि ये कानून संसद में बिना बहस किये पारित किये गये । मजदूरों के विरोध के कारण इसे सरकार लागू नहीं कर पाई। मजदूर आन्दोलन इसे रोक रखा है। हम इसे लागू नहीं होने देगें। उन्होने कहा कि आने वाले दिनों में आन्दोलन को ‘‘अवज्ञा व प्रतिरोध’’ की दिशा में ले जाना होगा। उन्होनें कर्नाटक व तमिलनाडु राज्य सरकारों का उदाहरण देते हुये कहा कि मजदूर विरोधी कानूनों को उन्हें वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेष का मजदूर आन्दोलन बिजली के निजीकरण के खिलाफ लड़ रहा है।
सीटू के राष्ट्रीय सचिव के एन उमेश ने कहा कि केन्द्र सरकार ने उत्पादन प्रोत्साहन व रोजगार प्रोत्साहन के नाम पर लाखों करोड़ रूप्या कारपोरेट को दिया है लेकिन इसका उत्पादन व रोजगार पर कोई असर नहीं पड़ा है। मजदूरों की आय में कमी आई है। सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण दिन प्रतिदिन मजदूर किसान व आम जनता की क्रय शक्ति कमजोर हुई है।

मजदूर पंचायत को सम्बोधित करते हुये रविशकर मिश्रा ने कहा कि योगी सरकार न्यूनतम मजदूरी को पुनरीक्षित करने में विफल रही है। इससे मजदूरों का शोषण बढ़ा है। सीटू के महामंत्री प्रेम नाथ राय ने कहा कि योगी सरकार लोकतन्त्र को संकुचित करना चाहती है। इसका उदाहरण है कि धरना स्थल पर धरना देने की इजाजत है किन्तु कुर्सी , छाया के लिये टेण्ट नहीं लगा सकते है। श्रम कानूनों का पालन नहीं हो रहा है। काम के घण्टे बढ़ा दिये गये है। सरकारी विभागों में लाखों पद रिक्त है। सरकार उन पर नियुक्ति नहीं कर रही है।
पंचायत को बीना गुप्ता, विमेश मिश्रा, विकास स्वरूप अमर सिंह शाक्य, शशि सिंह, राजीव निगम आदि ने सम्बोधित किया। उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के महामंत्री बी एल भारती व उत्तर प्रदेश किसान सभा के महामंत्री मुकुट सिंह ने मजदूर पंचायत का समर्थन करते हुये किसान मजदूर एकता पर जोर दिया।

पंचायत की अध्यक्षता सुरेन्द्र सिंह व संचालन प्रेम नाथ राय ने किया। पंचायत के अन्त में 14 सूत्रीय मॉग पत्र प्रशासन को सौंपा गया। जिसमें न्यूनतम वेतन रू 26 हजार प्रति माह करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, पूर्वाचल व पष्चिमांचल विद्युत वितरण निगम सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने, आंगनबाड़ी , आशा , व मिड डे मील रसोईया को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने , दवाओं पर जीरो जीएसटी करने, ठेका प्रथा समाप्त करने , नियमित प्रकृति के काम पर नियमित कर्मचारी रखने, राष्ट्रीय स्वाथ्य मिशन सहित सभी संविदा/निविदा आउट सोर्सिग कर्मचारियों के लिये रिटायरमेण्ट उम्र 60 साल किये जाने तथा वेतन विसंगतियों को दूर किये जाने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिये सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था करने, आठ घण्टे के कार्य दिवस को सख्ती से लागू करने आदि मॉगें शामिल थी।
