
लखनऊ , 08 सितम्बर, योगी सरकार ने प्रदेश के समस्त निजी विश्वविद्यालयों, निजी व अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों एवं उच्च शैक्षणिक संस्थानों में मान्यता एवं प्रवेश प्रक्रिया की सघन जाँच के निर्देश दिए हैं . आदेश के अनुसार प्रदेश के समस्त निजी विश्वविद्यालयों, निजी व अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों एवं उच्च शैक्षणिक संस्थानों में मान्यता एवं प्रवेश प्रक्रिया, अधिनियमों के अनुपालन एवं छात्रों के हितों के दृष्टिगत प्रत्येक जनपद में जाँच की जायेगी .
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उच्च शिक्षा विभाग का आदेश – जाँच समिति
इस जाँच के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जाँच समिति का गठन किया जाता है,
समिति के सदस्यों का विवरण निम्नवत् हैः-
1- जिलाधिकारी अध्यक्ष
2- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (पुलिस कमिश्नरेट के जनपद होने की दशा में पुलिस कमिश्नर द्वारा नामित पुलिस अधीक्षक से अनिम्न श्रेणी का अधिकारी)
3- शिक्षा विभाग का एक अधिकारी
2- उक्त समिति प्रत्येक संस्था से शपथ पत्र लेंगी, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख होगा कि संस्थान दवारा केवल मान्यता प्राप्त कोर्स की संचालित किये जा रहे है। संचालित सभी कोर्सों की सूची भी समिति प्राप्त करेंगी और उनके साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अन्य सम्बन्धित सांविधिक संस्था जैसे आल इण्डिया काउन्सिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE), बार काउन्सिल ऑफ इण्डिया (BCI), डिस्टेन्स एजुकेशन काउंसिल (DEC), डेन्टल काउंसिल ऑफ इण्डिया (DCI), इण्डियन नर्सिंग काउंसिल (INC), मेडिकल काउंसिल आफ इण्डिया (MCI), नेशनल काउंसिल फार टीचर्स एजुकेशन (NCTE), फार्मेसी काउंसिल आफ इण्डिया (PCI) इत्यादि की मान्यता का विवरण, सीटों की संख्या सहित अथवा विश्वविद्यालय/बोर्ड/नियामक निकाय की स्वीकृति का स्पष्ट उल्लेख होगा। किसी भी छात्र का प्रवेश बिना मान्यता वाले कोर्स में नहीं हुआ है।
3- समिति द्वारा यदि किसी संस्था में अवैधानिक प्रवेश या बिना मान्यता प्राप्त कोर्म संचालित पाये जाते है तो संस्थान पर कठोर कार्यवाही का प्रस्ताव उपलब्ध करायेगी। ऐसे मामलों में छात्रों से लिये गये सम्पूर्ण शुल्क को ब्याज सहित वापस कराने की जिम्मेदारी संस्थान की होगी।
4- जाँच कार्यवाही को सम्पादित करते हुए प्रत्येक जनपद से प्राप्त रिपोर्ट को संकलित कर 15 दिन के अन्दर शासन को समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी .
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