
- 3 मई 2025 को लखनऊ विश्वविद्यालय में महासंघ का अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है
लखनऊ, 01 मई 2025,campussamachar.com, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ का अधिवेशन और नई कार्यकारिणी के गठन की तैयारी अंतिम चरण में है। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के निर्वाचित कर्मचारी संगठनों का सामूहिक नेतृत्व करने के लिए नई कार्य समिति में सभी विश्वविद्यालयों के कर्मचारी परिषद के निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा ।
उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुधांशु कुमार की ओर से सभी राज्य विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ /कर्मचारी परिषद/ कर्मचारी वेलफेयर समिति एवं स्टाफ यूनियन के अध्यक्ष व महामंत्रियों को एक महत्वपूर्ण परिपत्र भेजा गया है.
इस परिपत्र में कहा गया है कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के निर्वाचित कर्मचारी संगठनों का सामूहिक नेतृत्व करने के लिए ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 की धारा 16 के अंतर्गत प्रदेश में एकमात्र पंजीकृत संगठन उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ है , जिसका पंजीयन 10144/ 20.8. 2019 है. इसकी नियमावली नियमावली में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के निर्वाचित संगठनों द्वारा महासंघ का गठन किया जाएगा ,जो सामूहिक नेतृत्व पर आधारित होगा और इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के निर्वाचित संघों के वर्तमान पदाधिकारी सहभागी और नेतृत्व करेंगे।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुधांशु कुमार ने आगे लिखा है कि महासंघ का अधिवेशन चुनाव हुए लगभग एक दशक हो चुका है । वर्तमान में प्रदेश कार्यकारिणी में अधिकांश पदाधिकारी सेवानिवृत हो गए हैं अथवा अपने विश्वविद्यालयों के कर्मचारी संघों में निर्वाचित पदाधिकारी नहीं है, परिणाम स्वरूप प्रदेश के विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की आवाज सरकार तक पहुंचने में और उनकी समस्याओं का समाधान होने में अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । ऐसे में इन सभी परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए गत 19 अप्रैल 2025 को लखनऊ विश्वविद्यालय में विभिन्न विश्वविद्यालयों के निर्वाचित वर्तमान अध्यक्ष/ महामंत्री की बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में पांच विश्वविद्यालयों ने अपनी सहभागिता की थी और बैठक में शामिल पदाधिकारी ने प्रदेश में चल रहे समानांतर दो महासंघ पर चिंता व्यक्त की थी।
इस आशय का निर्णय भी लिया था कि उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ को प्रभावशाली बनाने और कर्मचारी आंदोलन के लिए को धार देने के लिए जल्द से जल्द अधिवेशन बुलाने और नई कार्यकारिणी के गठन का निर्णय लिया गया, जिसमें महासंघ के संविधान के अनुसार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के निर्वाचित पदाधिकारी शामिल हो। इसी क्रम में आगामी 3 मई 2025 को लखनऊ विश्वविद्यालय में अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है. इसमें सभी की उपस्थिति महत्वपूर्ण है।
महासंघ के अध्यक्ष द्वारा जारी किए गए इस पत्र में 3 मई को प्रस्तावित कार्यक्रम की भी जानकारी दी गई है. 3 मई को सुबह 10:00 बजे से प्रतिनिधियों का पंजीकरण होगा और प्रत्येक प्रतिनिधि के लिए ₹100 निर्धारित किए गए हैं । दोपहर 12:00 बजे महासंघ के अधिवेशन का उद्घाटन लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय करेंगे। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से कर्मचारी परिषद/ कर्मचारी संघ/ संगठन के पदाधिकारी द्वारा मांगों का संगठनामक बिंदुओं तथा भावी कार्यक्रम के संबंध में विचार प्रस्तुतीकरण और चर्चा होगी ।
इसी दिन अपराह्न 1:30 बजे से महासंघ के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू होगी। वर्तमान अध्यक्ष सुधांशु कुमार का उद्बोधन होगा और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही नए निर्वाचित अध्यक्ष/ महामंत्री की घोषणा की जाएगी. इसके साथ ही राकेश कुमार यादव राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ का उद्बोधन होगा . अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्वाचन सर्वसम्मति या निर्विरोध ना होने की स्थिति में मताधिकार का प्रयोग मात्र पंजीकृत प्रतिनिधियों द्वारा किया जा सकेगा, जो विभिन्न राज्य विश्वविद्यालय के निर्वाचित कर्मचारी संघ/ कर्मचारी परिषद/कर्मचारी वेलफेयर समिति एवं स्टाफ यूनियन के अध्यक्ष एवं महामंत्री होंगे. नवनिर्वाचित अध्यक्ष द्वारा अधिवेशन के समाप्ति की घोषणा की जाएगी .
