CM, Yogi Adityanath

लखनऊ , 04 जुलाई , प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक आचार्य) पद पर भर्ती के लिए अब अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा भी देनी होगी। बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के इससे जुड़े प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से उच्चतर शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन के तहत यह प्रस्ताव लाया गया था।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन लोक सेवा आयोग करता है। उच्चतर शिक्षा (समूह क) सेवा नियमावली 1985 के अंतर्गत केवल आयोग की ओर से साक्षात्कार के माध्यम से इनकी नियुक्ति की जाती थी। इसमें संशोधन करते हुए चयन केवल साक्षात्कार के आधार पर नहीं, बल्कि लिखित परीक्षा (सब्जेक्टिव) व साक्षात्कार के संयुक्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा (समूह क) सेवा (तृतीय संशोधन) नियमावली-2025 को जारी करने की कैबिनेट ने मंजूरी दी है। मंत्री ने कहा कि यह पद समूह क श्रेणी का अत्यंत महत्वपूर्ण पद है, जो विद्यार्थियों की शिक्षा, शोध और उनके भविष्य को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि नई संशोधित व्यवस्था में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों के माध्यम से अभ्यर्थियों का समग्र मूल्यांकन किया जाएगा। इससे न केवल उनके विषय ज्ञान की परख हो सकेगी, बल्कि उनके शिक्षण कौशल व शोध क्षमता का भी आंकलन किया जा सकेगा। इससे राजकीय महाविद्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षकों का चयन संभव होगा।
डॉ. केएन मोदी निजी विवि गाजियाबाद को संचालन की दी अनुमति
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कैबिनेट ने निजी क्षेत्र के अंतर्गत डॉ. केएन मोदी विश्वविद्यालय मोदीनगर, गाजियाबाद के संचालन को प्राधिकार पत्र जारी करने की सहमति दी है। गाजियाबाद में डॉ. केएन मोदी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ट्रस्ट की ओर से 20.4497 एकड़ जमीन पर यह विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। बैठक में कई अन्य फैसले भी लिए गए हैं .
