
- बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने कल 26 जुलाई 2025 को ही एक और पत्र जारी कर बताया कि लिपिकीय त्रुटि के कारण 26 जुलाई 2025 के स्थान पर 27 जुलाई 2025 अंकित हो गया है. इसलिए तिथि में संशोधन किया जा रहा है और 26 जुलाई ही समझा जाय जबकि आदेश यथावत रहेगा .
लखनऊ, 27 जुलाई , उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में अफसरों पर काम का बोझ कुछ ज्यादा ही हो गया है . खासतौर से बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों पर . परिषद के सचिव बेसिक शिक्षा परिषद सुरेंद्र कुमार तिवारी की ओर से कल 26 जुलाई 2025 को शिक्षकों के ट्रांसफर से जुडा एक ऐसा आदेश जारी हुआ है , जिसमें 27 जुलाई 2025 की तारीख दर्ज हो गई .
इस आदेश में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए गाइडलाइन जारी की गई है . हालांकि विभागीय आदेश वायरल होते ही शिक्षा विभाग को अपनी गलती का एहसास हुआ और बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने कल 26 जुलाई 2025 को ही एक और आदेश जारी कर बताया कि लिपिकीय त्रुटि के कारण 26 जुलाई 2025 के स्थान पर 27 जुलाई 2025 अंकित हो गया है. इसलिए तिथि में संशोधन किया जा रहा है जबकि आदेश यथावत रहेगा .
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद का कार्यभार संभाल रहे सुरेंद्र कुमार तिवारी अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा भी हैं और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में भी शिक्षकों के ट्रांसफर और पोस्टिंग का मामला इस समय गर्माया हुआ है। ऐसे में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी की ओर से 27 जुलाई 2025 का आदेश जारी होते ही पूरे प्रदेश में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की समझ में नहीं आया कि वह 26 जुलाई 2025 को प्राप्त कर रहे आदेश को 27 जुलाई 2025 का कैसे मान लें ? विभागीय आदेश में अग्रिम तिथि दर्ज होने से शिक्षक संगठन भी चुटकी ले रहे हैं है और शिक्षा विभाग के डबल इंजन वाले अफसर से कुछ काम वापस लेने का आग्रह भी किया है.
शिक्षक संगठन के एक पदाधिकारी ने बताया कि शिक्षा विभाग में आए दिन ऐसे फैसले ऐसे आदेश जारी हो रहे हैं , जो न केवल शैक्षिक गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं बिल्कुल उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के विपरीत भी प्रतीत होते हैं. बरहाल सुरेंद्र कुमार तिवारी माध्यमिक शिक्षा विभाग के विभिन्न पदों पर रह चुके हैं और उनके खिलाफ तरह की शिकायतें भी होती रही हैं लेकिन उनकी पहुंचे और प्रभाव का यह असर है कि वह शिक्षकों के ट्रांसफर से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का संपादन कर रहे हैं और शायद अधिक कार्य होने के कारण ही भी उस विभागीय आदेश पर हस्ताक्षर कर गए जिसमें 26 जुलाई 2025 के स्थान पर 27 जुलाई 2025 दर्ज था हालांकि समय रहते उसे सुधार लिया गया है.
भ्रष्टाचार के खिलाफ शिक्षकों का आन्दोलन जारी
बेसिक शिक्षा विभाग में परिषदीय विद्यालयों के मर्ज होने बंद होने पेयरिंग को लेकर वैसे भी पूरे प्रदेश का शिक्षक आंदोलित है प्राथमिक उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ सरकार के विलय और पेयरिंग संबंधी आदेश का विरोध करता नजर आ रहा है इतना ही नहींशिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ पांडे अच्छा जहां 31 जुलाई को आंदोलन करने की तैयारी में जुटा हुआ है वही माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुड 20 अगस्त को शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार रिश्वतखोरी सहित कई मुद्दों को लेकर 20 अगस्त को प्रदेश भर में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में धरना प्रदर्शन आयोजित करेगा।
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