
- कस्टम ड्यूटी में छूट से यूपी में पीएम सूर्य घर योजना, सोलर मैन्युफैक्चरिंग और ईवी इकोसिस्टम को मिलेगा बड़ा बल
- रूफटॉप सोलर विस्तार, सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग, ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा संतुलन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिलेगी गति
लखनऊ, 02 फरवरी। केंद्रीय बजट 2026 ( union Budget 2026 ) में सोलर, नवीकरणीय ऊर्जा और ई-मोबिलिटी से जुड़ी कस्टम ड्यूटी एवं आयात शुल्क में दी गई रियायतों को उत्तर प्रदेश में लागू प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना और राज्य के उभरते ई-मोबिलिटी इकोसिस्टम से जोड़कर देखा जा रहा है। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि ये फैसले ( union Budget 2026 ) प्रदेश में रूफटॉप सोलर विस्तार, सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग, ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा संतुलन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी-इन चारों को एक साझा दिशा में आगे बढ़ाएंगे।
बैटरी स्टोरेज और ग्रिड बैलेंसिंग को मिलेगा बल
बजट 2026 ( union Budget 2026 ) में लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल- कोबाल्ट पाउडर, बैटरी स्क्रैप और अन्य क्रिटिकल मिनरल्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार,( union Budget 2026 ) इसका सबसे बड़ा लाभ ग्रिड-स्तरीय बैटरी स्टोरेज और पावर सिस्टम बैलेंसिंग को मिलेगा। सोलर आधारित बिजली उत्पादन में दिन-रात और मौसम के अनुसार आने वाले उतार-चढ़ाव को बैटरी स्टोरेज के माध्यम से बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा। इससे उत्तर प्रदेश की बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर, भरोसेमंद और लागत-प्रभावी बनने की संभावना है।
सोलर ग्लास पर राहत से रूफटॉप सोलर होगा सस्ता
सोलर सेक्टर के लिए बजट ( union Budget 2026 ) में एक अहम और स्पष्ट प्रावधान किया गया है। सोलर ग्लास निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल सोडियम एंटीमॉनेट को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है। यह सोलर ग्लास का एक प्रमुख कंपोनेंट है, जो ग्लास की गुणवत्ता, मजबूती और प्रदर्शन को बेहतर बनाता है। ड्यूटी हटने से सोलर ग्लास और इसके माध्यम से सोलर मॉड्यूल व पैनल की लागत घटेगी। इसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को मिलेगा, जहां रूफटॉप सोलर सिस्टम सस्ते होने से अधिक घर इस योजना से जुड़ सकेंगे और उपभोक्ताओं को बिजली बिल में उल्लेखनीय राहत मिलेगी।
डीसीआर आधारित सोलर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
उद्योग जगत का मानना है कि इन रियायतों ( union Budget 2026 ) से डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (डीसीआर) आधारित सोलर पैनल निर्माण को भी मजबूती मिलेगी। सोलर ग्लास और अन्य इनपुट्स सस्ते होने से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और आयात पर निर्भरता घटेगी। इसका असर उत्तर प्रदेश में सोलर वैल्यू चेन के विस्तार के रूप में सामने आ सकता है।
नोएडा से पूर्वांचल तक निवेश की संभावनाएं
बजट ( union Budget 2026 ) प्रावधानों के बाद नोएडा, लखनऊ, कानपुर और पूर्वांचल के औद्योगिक क्षेत्रों में नई सोलर ( union Budget 2026 )मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के साथ-साथ ईवी कंपोनेंट्स, बैटरी पैक असेंबली और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेश के अवसर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इससे रोजगार सृजन और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
ई-मोबिलिटी को मिलेगा किफायती विस्तार
union budget | campus samachar uttar pradesh : ई-मोबिलिटी के दृष्टिकोण से बजट 2026 ( union Budget 2026 ) को उत्तर प्रदेश के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। बैटरी और क्रिटिकल मिनरल्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट से इलेक्ट्रिक वाहनों की निर्माण लागत घटेगी, जिससे ईवी की कीमतें अधिक किफायती हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर ई-बसों, ई-ऑटो, इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को तेजी से अपनाने के रूप में दिखेगा। इससे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी और शहरी प्रदूषण में कमी आएगी।
हरित अर्थव्यवस्था की ओर एकीकृत दिशा
बजट 2026 ( union Budget 2026 ) में घोषित कस्टम ड्यूटी और आयात शुल्क में रियायतें, विशेषकर सोलर ग्लास के लिए सोडियम एंटीमॉनेट पर छूट उत्तर प्रदेश में सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग, ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा संतुलन और ई-मोबिलिटी को एक साझा रणनीतिक दिशा देती नजर आती हैं।
नीति विशेषज्ञों का कहना है कि इस समन्वित दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश न केवल सस्ती और स्वच्छ बिजली की ओर तेजी से बढ़ेगा, बल्कि स्वच्छ परिवहन, मजबूत ऊर्जा ग्रिड और हरित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा। union Budget 2026
