

- उन्होंने बताया कि कैंसर किसी शरीर के किसी भी हिस्से से शुरू होकर शरीर के किसी भी हिस्से में पहुंचकर व्यक्ति को मृत्यु तक ले जाने की क्षमता रखता है.
लखनऊ, 11 मई , campussamachar.com, कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान लखनऊ ( Kalyan Singh Super Speciality Cancer Institute & Hospital lucknow ) के एसोसिएट प्रोफेसर और OMFS के विभागाध्यक्ष डाक्टर गौरव सिंह ने श्याम सुन्दर जमुना दीन इंटर कालेज फैजुल्लागंज लखनऊ ( SSJD Inter college Faizulahganj ) में विद्यार्थियों को कैंसर की पहचान, उसके निदान के बारे में विस्तृत व्याख्यान दिया. उन्होंने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को कैंसर रोग के शुरुआती लक्षण बताते हुए कहा कि विद्यार्थी स्वयं या अपने परिवार या परिचित किसी के भी यदि इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे नजरअंदाज न करने दें बल्कि किसी चिकित्सक से तत्काल परामर्श लेने के लिए कहें .

उन्होंने कहा कि खान-पान और आचार – विचार में संतुलित जीवन से शुरुआती लक्षणों से बचा जा सकता है. उन्होंने रोग की एक-एक पहचान की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को जागरूक किया और फिर उन्होंने कैंसर जैसे असाध्य रोग से बचने के लिए भी तरह-तरह के उपाय बताएं. कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि यह कैंसर एक आतंकवादी की तरह है, जो शरीर के किसी भी अंग में प्रवेश कर जाता है. जरूरी नहीं है कि वह किसी खास स्थान पर हो और वही खत्म हो जाए .
उन्होंने बताया कि कैंसर किसी शरीर के किसी भी हिस्से से शुरू होकर शरीर के किसी भी हिस्से में पहुंचकर व्यक्ति को मृत्यु तक ले जाने की क्षमता रखता है . इसलिए जरूरी है कि कैंसर रोग की शुरुआती लक्षणों को पहचानते हुए तत्काल प्रभाव से उपचार कर इससे बचाया जा सके . उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी दिनचर्या को व्यायाम और अनुशासित करने की भी सलाह दी.

कैंसर के शुरुआती लक्षण
1. अनियमित रक्तस्राव: महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म या योनि से रक्तस्राव, या पुरुषों में पेशाब में रक्त आना।
2. गांठ या सूजन: शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ या सूजन आना।
3. वजन कम होना: बिना किसी कारण वजन कम होना।
4. थकान: लगातार थकान महसूस करना।
5. पाचन समस्याएं: भोजन के बाद दर्द, उल्टी, या दस्त।
6. सांस लेने में कठिनाई: सांस लेने में कठिनाई या खांसी जो ठीक नहीं होती।
7. त्वचा में बदलाव: त्वचा पर नए निशान, घाव, या रंग में बदलाव।
कैंसर से बचाव के तरीके
1. नियमित जांच: नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना।
2. स्वस्थ जीवनशैली: स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, और धूम्रपान से बचाव।
3. सूर्य की किरणों से बचाव: सूर्य की किरणों से बचने के लिए छतरी, टोपी, और सनस्क्रीन का उपयोग।
4. टीकाकरण: एचपीवी और हेपेटाइटिस बी के टीके लगवाना।
5. रसायनों से बचाव: हानिकारक रसायनों से बचने के लिए सुरक्षा उपायों का पालन।
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कैंसर का इलाज समय पर शुरू करने से सफलता की संभावना बढ़ सकती है।
मुंह का कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो मुंह के विभिन्न भागों में हो सकती है, जैसे कि जीभ, मसूड़े, तालू, और होंठ। विद्यार्थियों को इसके बारे में जागरूक करना और बचाव के तरीकों को अपनाना बहुत जरूरी है।
मुंह के कैंसर के लक्षण
1. मुंह में घाव या अल्सर: जो 2-3 सप्ताह से अधिक समय तक ठीक नहीं होता।
2. मुंह में गांठ या सूजन: जो दर्दनाक हो सकती है।
3. मुंह से खून आना: बिना किसी कारण मुंह से खून आना।
4. निगलने में कठिनाई: भोजन या पानी निगलने में परेशानी होना।
5. मुंह में दर्द: जो लगातार बना रहता है।
6. दांतों में बदलाव: दांतों की स्थिति में बदलाव या दांतों का ढीला होना।
7. स्वाद में बदलाव: भोजन का स्वाद बदलना या स्वाद महसूस न होना।
मुंह के कैंसर से बचाव के तरीके
1. तम्बाकू और गुटखा से बचाव: तम्बाकू और गुटखा का सेवन न करना।
2. धूम्रपान से बचाव: धूम्रपान न करना और दूसरे लोगों के धूम्रपान से भी बचना।
3. शराब का सेवन कम करना: शराब का सेवन कम करना या बिल्कुल न करना।
4. मुंह की स्वच्छता: नियमित रूप से दांतों की सफाई करना और मुंह को साफ रखना।
5. स्वस्थ आहार: फल, सब्जियां, और साबुत अनाज जैसे स्वस्थ आहार का सेवन करना।
6. नियमित जांच: नियमित रूप से दंत चिकित्सक से जांच करवाना।
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत दंत चिकित्सक या डॉक्टर से संपर्क करें। मुंह के कैंसर का इलाज समय पर शुरू करने से सफलता की संभावना बढ़ सकती है।
VIDEO देखें
कार्यक्रम में व्याख्यान से पहले विद्यालय के निदेशक डॉ जेपी मिश्र ने डॉक्टर गौरव सिंह का स्वागत किया और उन्हें विद्यार्थियों को समय-समय पर होने वाले विशेष व्याख्यानों की जानकारी दी . डाक्टर मिश्र ने जब विद्यार्थियों से व्याख्यान के बारे पूछा तू सभी ने बहुर उपयोगी बताया और भविष्य में इसी प्रकार व्याख्यान आयोजित करने की बात कही. विद्यालय के प्रधानाचार्य योगेंद्र कुमार मिश्र ने डॉक्टर गौरव सिंह का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन को सरल और संस्कार वान बनाएं ताकि वे किसी भी प्रकार के दुख – रोग से दूर रहकर स्वस्थ और दीर्घायु जीवन यापन करें.
