
- वेटलैंड( World Wetlands Day ) प्रकृति की किडनी होती है इसका संरक्षण जैव विविधता के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक— प्रोफेसर अरविंद कुमार शर्मा
- आई क्यू ए सी समन्वयक प्रोफेसर जितेंद्र सिंह ने वेटलैंड ( World Wetlands Day ) के महत्व को बताते हुए सभी छात्र-छात्राओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील होने का संदेश दिया l
गोंडा , 03 फरवरी , श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा विश्व वेटलैंड डे ( World Wetlands Day ) पर आयोजित वेबीनार में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अरविंद कुमार शर्मा ने कहा पूरे विश्व की जैव विविधता का 40% जैव विविधता वेटलैंड ( World Wetlands Day ) में ही पाया जाता है यह क्षेत्र वनस्पतियों जंतुओं दोनों के लिए आवास प्रदान करने का बड़ा केंद्र होता है उन्होंने गोंडा के वजीरगंज क्षेत्र में पार्वती अरगा पक्षी विहार वेटलैंड की चर्चा करते हुए बताया प्रति वर्ष यहां साइबेरिया एवं एशिया के विभिन्न देशों से विदेशी पक्षी फीडिंग और ब्रीडिंग के लिए आते हैं पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस वेटलैंड ( World Wetlands Day ) का अवलोकन करने आए थे और इसके संरक्षण हेतु विभिन्न योजनाओं की घोषणा की थी.
उन्होंने यह भी कहा हमारे गोंडा से सांसद केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह वेटलैंड ( World Wetlands Day ) के संरक्षण और संवर्धन के लिए सराहनीय प्रयास कर रहे हैं वनस्पति विज्ञान विभाग के लिए यह सौभाग्य का असर रहा श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर रविंद्र कुमार ने मुंबई में होते हुए भी वेबीनार में सहभागिता की ,सभी शिक्षकों छात्र-छात्राओं को उक्त वेबीनार की शुभकामनाएं देते हुए वेटलैंड की भूमिका एवं महत्व पर प्रकाश डाला l
प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर बीपी सिंह ने वेबीनार में सहभागिता कर रहे सभी शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए वर्ल्ड वेटलैंड डे ( World Wetlands Day ) पर सभी को प्राकृतिक संसाधन के संरक्षण हेतु जागरूक किया l वहीं आई क्यू ए सी समन्वयक प्रोफेसर जितेंद्र सिंह ने वेटलैंड ( World Wetlands Day ) के महत्व को बताते हुए सभी छात्र-छात्राओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील होने का संदेश दिया प्रोफेसर सिंह ने अपने वक्तव्य में यह भी बताया भारतवर्ष का चिल्का लेक विश्व का सबसे बड़ा साल्टी वेटलैंड ( World Wetlands Day ) है ,कोस्टल एरिया के पास समुद्र के किनारे पाए जाने वाले वेटलैंड बड़े-बड़े चक्रवातों से हमारी रक्षा करते हैं इसलिए वेटलैंड ( World Wetlands Day ) का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है l
World Wetlands Day : वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ रेखा शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए जानकारी दी गोंडा जिले के वजीरगंज क्षेत्र में स्थित पार्वती अरगा वेटलैंड रामसर साइट है यह हमारे जिले का गौरव है उन्होंने यह भी यह भी बताया अरघा पार्वती पक्षी विहार पर उनकी शोध छात्रा साक्षी श्रीवास्तव शोध कर रही है l उन्होंने चिल्का लेक की चर्चा करते हुए कहा वहां मुख्य रूप से मैंनग्रुव वनस्पतियां पाई जाती हैं जो जंतुओं की तरह बच्चे देते हैं ,यहां की जमीन में ऑक्सीजन की कमी होती है इसलिए बीज पेड़ों पर ही अंकुरित होकर छोटे पौधे का रूप ले लेते हैं फिर नीचे गिरते हैं और नए पौधे के रूप में पनपते हैं यहां पेड़ों की जड़ों से स्वसन जडे निकलते हैं जो धरती के ऊपर निकल आती है और स्वसन का कार्य करती है इन्हें स्वसन जेड भी कहा जाता है l वेबीनार का सफल टेक्निकल संचालन वनस्पति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अमित दुबे ने किया l
उक्त वेबनार में वनस्पति विज्ञान ,जंतु विज्ञान, कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी वेटलैंड से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं को शिक्षकों से साझा किया lअंत में वनस्पति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर संजय कुमार ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया l डॉ प्रियंका श्रीवास्तव, कृष्ण मोहन त्रिपाठी, ड्रिंकल यादव ,अमित दुबे का सहयोग सराहनीय रहा l
अंत में वेबीनार मैं सहभागिता कर रहे सभी छात्र-छात्राओं ने वेटलैंड के संरक्षण का संकल्प लिया l यह जानकारी प्रो जयशंकर तिवारी मीडिया प्रभारी श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज गोंडा ने दी है .
