

- बैठक में कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा पर चर्चा की गई। और समाज को एकता एवं अनुशासन के सूत्र में पिरोने के लिए एकमत होकर कुछ आदेश व निर्देश प्रसारित किए गए।
- बैठक में चेट्रीचंड्र के पर्व के दिन भिलाई शहर के सिंधी समाज के सभी सदस्यों का हर प्रतिष्ठान (दुकानें) बंद रखने का निर्णय लिया गया। दुकान चालू रहने पर शहर कमेटी द्वारा कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया।
भिलाई – दुर्ग, 08 सितम्बर, भिलाई शहर की सभी सिंधी पंचायतों की एक बैठक पहली बार न्यू खुर्सीपार सिन्धी भवन में 7 सितम्बर 25 रविवार को रात्रि 8 बजे आहूत की गई।जिसमें भिलाई शहर की वैशाली नगर श्रीराम सिंधी पंचायत के अध्यक्ष दिलीप पवानी जी,हाउसिंग बोर्ड आदर्श सिंध ब्रादर मंडल के अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र कृष्णानी जी,खुर्सीपार पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष गोपाल दास चंदवानी जी, कैलाश वरंदानी जी,सेक्टर 4 सिंध ब्रदर मंडल के अध्यक्ष जय कुमार अंबवानी जी,कैंप 2 गुरुनानक सिंधी पंचायत के अध्यक्ष मनोज माखीजा जी और पूज्य सिंधी पंचायत भिलाई 3 के अध्यक्ष शामनलाल नत्थानी एवं सभी पंचायतों के कमेटी मेंबर उपस्थित हुए।जिसमें कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा पर चर्चा की गई। और समाज को एकता एवं अनुशासन के सूत्र में पिरोने के लिए एकमत होकर कुछ आदेश व निर्देश प्रसारित किए गए।
*बैठक में चेट्रीचंड्र के पर्व के दिन भिलाई शहर के सिंधी समाज के सभी सदस्यों का हर प्रतिष्ठान (दुकानें) बंद रखने का निर्णय लिया गया। दुकान चालू रहने पर शहर कमेटी द्वारा कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया। चेट्रीचंड्र महोत्सव के एक दिन पूर्व सभी पंचायतों की एकजुटता से भव्य बाइक एवं कार रैली पूरे शहर में निकाल कर समाज के ईष्ट देव प्रकृति के स्वामी साईं झूलेलाल का संदेश प्रकृति का संरक्षण करने का अधिक से प्रचार प्रसार करने एवं उसका अनुसरण करना निर्धारित हुआ।जो सिंधी परिवार जिस क्षेत्र में रहता है उन्हें वहां की स्थानीय पंचायत से जुड़ना और वहां के समस्त नियमों एवं अनुशासन का पालन करना अनिवार्य होगा।समाज में किसी की पगड़ी रस्म का समय शाम को 5:00 बजे निर्धारित किया गया। पंडित जी को विभिन्न अनुष्ठानों के लिए दिए जाने वाले समस्त सेवा शुल्क निर्धारित किए जाने पर भी चर्चा हुई। हाउसिंग बोर्ड सिंधी समाज के अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र कृष्णानी जी ने वैश्विक विरासत सिंधी भाषा,बोली को जीवित रखने के लिए समाज के युवक युवतियों का विवाह अपने समाज में ही करवाने की और आपस में घर के हर सदस्य से सिंधी भाषा में ही बात करने की अपील की।जिसका उपस्थित सभी सदस्यों ने करतल ध्वनि से समर्थन कर अपनी पंचायत में पालन करने का निर्णय लिया।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस बैठक में डॉ धर्मेंद्र कृष्णानी, जय अंबवानी,दिलीप पवानी,शामनदास नत्थानी,मनोज माखीजा, गोपाल दास चंदवानी, कैलाश वरंदानी, धरमदास बत्रा, राकेश नागदेव,गोपीचंद राजपलानी, मनोहर लाल थदानी, रामचंद्र छुगानी,अशोक मूलचंदानी, ठाकुर साधवानी नरेश माखी, मिट्ठू मेघवानी, रमेश कुमार छतीजा,नानक छतीजा, ओमप्रकाश सचदेव,मनोज आहूजा,नवीन वरंदानी, हरीश लालवानी,नरेश नागदेव, सुभाष भगत,लालचंद तोलानी,हरीश कुमार, महेश नारायणी सभी पंचायतों के कमेटी मेंबर उपस्थित थे।
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