

- श्री जय नारायण मिश्र महाविद्यालय में आज 04 फरवरी 2025 “फ्रॉम कॉलोनियल रूल टू ग्लोबल इमरजेंस: इंडियाज जर्नी थ्रू 19th एंड 20 th सेंचुरी विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
- सेमिनार के समापन पर प्रो के के शुक्ला, उप प्राचार्य ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
- सेमिनार का संचालन डॉ अंशुमाली शर्मा ने किया।
लखनऊ , 04 फरवरी, campussamachar.com, श्री जय नारायण मिश्र महाविद्यालय ( Shri Jai Narain Misra Post Graduate (KKC) College lucknow ) में आज 04 फरवरी 2025 “फ्रॉम कॉलोनियल रूल टू ग्लोबल इमरजेंस: इंडियाज जर्नी थ्रू 19th एंड 20 th सेंचुरी विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
lucknow news in hindi : सेमिनार में की नोट स्पीकर, प्रो जॉन बाटियर, फ्रांसीसी इतिहासकार, स्कूल ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज इन द सोशल साइंसेज, पेरिस ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 17वीं और 18वीं सेंचुरी में यूरोप में शाही शादियों में महिला की स्थिति एक प्रोडक्ट या सब्जेक्ट के रूप में होती थी। यह शादियां कई बार शाही साम्राज्य के विस्तार में भी सहायक होती थी। उन्होंने बताया कि तत्समय जिन शाही परिवारों में राजा की असमय मृत्यु हो जाती थी केवल वहीं पर उनकी रानियां साम्राज्य को क्वीन के रूप में संभालती थी। समय बदलने के साथ कालांतर में महिलाओं की स्थिति एवं उनके प्रति इस दृष्टिकोण में सुधार होता चला गया तथा उनके बराबरी की बातें की जाने लगी। प्रोफेसर वाटियर के अनुसार, महिलाओं को समानता दिए बिना कोई समाज पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता।

सेमिनार में अतिथि वक्ता प्रो अरुंधति विरमानी, फ्रेंच इतिहासकार, स्कूल आफ एडवांस्ड स्टडीज इन द सोशल साइंसेज, पेरिस, फ्रांस ने बताया कि भारतीय सिनेमा ने भारत की स्थिति को प्रभावशाली रूप से शेष विश्व में प्रक्षेपित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि सिनेमा के शुरुआत के साथ ही भारतीय सिनेमा ने विश्व में एक सॉफ्ट पावर के रूप में काम करना शुरू किया।
lucknow college news : उन्होंने कहा कि राज कपूर और देवानंद जैसे विख्यात और लोकप्रिय सिने कलाकारों ने समूचे विश्व में अपने फैंस बनाए। प्रो अरुंधति ने कहा कि भारतीय सिनेमा जगत की विश्व में लोकप्रियता, संगीत, कथानक, परिवारिक कहानियों और लोगों के सरल तथा प्रभावशाली अभिनय के कारण फैलती चली गई। इसकी गूंज पूरे विश्व में पहुंची और इसी के साथ भारतीय सिनेमा देश से निकल कर वैश्विक पटल पर छा ता चला गया। इसी क्रम में अतिथि वक्ता, प्रो चयनिका उनियाल, एसोसिएट प्रोफेसर, इतिहास विभाग, एसपीएम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने बुद्धिस्ट विचारधारा के प्रचार एवं प्रसार के विषय में बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा के बढ़ते विकास एवं महिलाओं की शिक्षा में प्रतिभागिता ने भारत को वैश्विक पटल पर लाने में अपना योगदान दिया। सेमिनार में आमंत्रित अन्य अतिथि वक्ता, प्रो वंदना सिंह, इतिहास विभाग, डॉ राम मनोहर लोहिया ला विश्वविद्यालय, लखनऊ ने अपने विचार व्यक्त किये।

JNPG college news, : प्रो विनोद चंद्रा, महाविद्यालय ( Shri Jai Narain Misra Post Graduate (KKC) College) प्राचार्य ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि, 18वीं शताब्दी के ब्रिटिश औपनिवेशिक काल से गुजरते हुए भारत एक सामाजिक बदलाव का साक्षी बना। साथ ही साथ अपनी स्थानीयता से आगे बढ़कर शिक्षा, संविधान, सामाजिक बदलाव, राजनीतिक एवं आर्थिक क्षेत्रो पर सशक्त हस्ताक्षर करते हुए आज पूरे विश्व में अपनी मजबूत स्थिति के लिए जाना जाता है। यह बदलाव कहीं से भी सरल प्रतीत नहीं होता है किंतु यहां के देशवासियों की जिजीविषा एवं असीम प्रतिबद्धता ने भारत को वैश्विक पटल पर लाकर खड़ा किया। उन्होंने कहा कि, भारत को जितना, भारत के लोगों के दृष्टिकोण से समझना जरूरी है उतना ही वैश्विक दृष्टिकोण से भी समझना आवश्यक है। जिससे कि हम अपनी वास्तविक स्थिति का समुचित आकलन कर अपनी भविष्य की संभावनाओं को बेहतर तरीके से संवार सकें।

JNPG college news, : सेमिनार के समापन पर प्रो के के शुक्ला, उप प्राचार्य ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। सेमिनार का संचालन डॉ अंशुमाली शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रो भारती पांडेय, प्रो राजेश तिवारी, प्रो एसपी शुक्ला, प्रो एससी हजेला समेत महाविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

