

- संगोष्ठी का शुभारंभ प्रो. सिराज उद्दीन और प्रो. अमिता कनोजिया के व्याख्यान से हुआ। उन्होंने जैव विविधता अनुसंधान, पारिस्थितिक मॉडलिंग और जीनोमिक अध्ययन में एआई के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की।
- आयोजन सचिव प्रो. आगा पर्वेज़ मसीह ने संगोष्ठी को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई और बताया कि इस उपलक्ष्य में 80 शोध कर्ताओं के सार एक पत्रिका में संकलित किए गए है।
लखनऊ, 8 सितंबर। शिया पीजी कॉलेज ( Shia College, Lucknow ) के प्राणी विज्ञान विभाग में सोमवार को “जीव विज्ञान और वनस्पति विज्ञान में प्रगति के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के आर्थिक सहयोग से किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ प्रो. सिराज उद्दीन और प्रो. अमिता कनोजिया के व्याख्यान से हुआ। उन्होंने जैव विविधता अनुसंधान, पारिस्थितिक मॉडलिंग और जीनोमिक अध्ययन में एआई के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की।
विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक शोध में मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और स्वचालन को अपनाना समय की मांग है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शिया पीजी कॉलेज के प्रबंधक एस. अब्बास मुर्तज़ा शमसी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में विज्ञान और तकनीक का मेल नए आयाम तय कर रहा है। संगोष्ठी में शिया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शबीहे रज़ा बाक़री ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन सचिव प्रो. आगा पर्वेज़ मसीह ने संगोष्ठी को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई और बताया कि इस उपलक्ष्य में 80 शोध कर्ताओं के सार एक पत्रिका में संकलित किए गए है।
ये विद्वान शिक्षक रहे उपस्थित
इस मौके पर प्रो. टीएस नक़वी, डॉ. एजाज़ अथर, डॉ. अजय बहादुर, प्रो. ए.एम. सक्सेना, डॉ. मुसन्ना, डॉ मोहम्मद अली, डॉ. वहीद आलम, डॉ. मनोज पांडे और डॉ. अंशु केडिया समेत कई संकाय सदस्य और शोधार्थी मौजूद रहे। संगोष्ठी में एआई के जरिए जैविक अनुसंधान में आने वाले बदलावों पर खुलकर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने माना कि यह पहल पारंपरिक विज्ञान में तकनीकी प्रगति को अपनाने की दिशा में अहम कदम है, जो भविष्य के अनुसंधान को नई दिशा देगा।
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