
बिलासपुर। दो दिनों की हड़ताल में लगभग तीन सौ करोड़ रुपये के वेतन कटवाने के बाद भी आज बैंकर्स सड़क पर क्यो उतरा हैं। आज यह प्रश्न देश के प्रत्येक नागरिको के मन मे उठ रहा हैं। इसमें किसी भी बैंकर्स का कोई व्यक्तिगत स्वार्थ ना होकर आम जनता की मेहनत की कमाई को कारपोरेट को देने से बचाने हेतु संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र में बैंको के निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त करने की एक सूत्रीय मांग को लेकर किया गया हैं।
बैंकर्स क्लब बिलासपुर के समन्वयक ललित अग्रवाल ने आज दूसरे दिन की हड़ताल में पुन: असुविधा हेतु क्षमायाचना सहित बतलाया कि 2021 में सभी बैंकों का परिचालन लाभ 1,97,464 करोड़ रुपये में से रु 1,45,021 करोड़ एनपीए हेतु प्रोविजन के बाद भी बैंकों में रु 31,780 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है।
बिलासपुर डिवीजन इन्श्योरेंस एम्पलाइज फेडरेशन की अध्यक्ष संगीता झा ने बताया कि पुलिस विभाग, न्यायालय, चिकित्सालय, स्कूल, कालेज, शासकीय कार्यालय कोई लाभ अर्जित नहीं करने के बाद भी बैंकर्स व बीमा कर्मियों से बहुत ज्यादा वेतन प्राप्त करते हैं। जबकि राष्ट्रीय कृत बैंक सरकार की सारी योजनाओ का अनुपालन करके भी लाभ कमा रही हैं। तभी तो निजी क्षेत्रों के लोग बैंको को खरीदने हेतु लालायित हैं। यदि निजीकरण इतना ही सफल है तो क्यों ना समस्त सेवाओ को निजी हाथों में ही सौप दिया जाए।
ट्रेड यूनियन काउंसिल बिलासपुर के महासचिव कामरेड राजेश शर्मा ने बताया कि 1969 में बैंको के राष्ट्रीयकरण के समय मात्र 8000 शाखाओं में 5000 करोड़ के जमा व 3500 करोड़ के अग्रिम 2021 में बढ़कर 118000 शाखाएं, 157 लाख करोड़ जमा व 110 लाख करोड़ का अग्रिम ही सरकार को बैंको को बेचने का एकमात्र कारण हैं। उन्होंने बताया कि वैश्विक मंदी के दौर में इन्ही राष्ट्रीय कृत बैंको ने ही भारत की अर्थ व्यवस्था को मजबूती से संभाल लिया था। आज जब विदेशों में बैंको को राष्ट्रीय कृत करने की तैयारी हो रही हैं तो हमारे शासक निजीकरण के पीछे क्यों पड़े हैं।
ट्रेड नेताओं ने कही ये बात
भारतीय जीवन बीमा निगम के रवि श्रीवास ने जोरदार नारेबाजी करते हुए आम जनता को बताया कि यदि बैंको का निजीकरण हुआ तो गरीब व मेहनतकशों का बैंको में प्रवेश वर्जित हो जाएगा। अलका गुप्ता ने बताया कि 97% जनधन खाते केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों ने ही खोले है। ऑल इंडिया इन्श्योरेंस एम्पलाइज एशोसिएशन व इंडियन रेल्वे एम्पलाइज फेडरेशन सहित विभिन्न संगठनों ने अखिल भारतीय बैंक हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया हैं।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के शरद बघेल व सौरभ त्रिपाठी के नेतृत्व में अमृता सिंह, बलजिंदर कौर,नेहा जुनेजा,कृतिका तुली,राणा अम्बर, दीपिका वारे, सरोजिनी तिग्गा,भावना, उम्मुल खान, अभिलाषा एक्का, विनीता लकड़ा, शैली गुप्ता, कमलेश कुमार सिंग,जावेद मेमन, कुमार गौरव,अशीम पवन तिरकी,नीरज लकड़ा, नीरज तिरकी,संजय कड़वे,मुकेश सिन्हा, डॉन बोस्को मिंज,नरेंद्र कुमार,नीतीश सिन्हा, अनुराग तिग्गा,आलोक कुमार,रितिक रायजादा,सुल्तान सय्यद,विकास कुमार,आवेंद्र कुमार,अजय कुमार,संजीत एक्का,अमित सिंह सहित बड़ी संख्या में बैंकर्स सड़क पर उतरकर जंगी प्रदर्शन के मार्फत अपना रोष प्रकट किया। 36 मॉल के सामने आज के प्रदर्शन में बैंकर्स के अलावा टीयूसी, जीवन बीमा निगम, बेरोजगार नवयुवकों व मेहनतकशो ने अपना प्रत्यक्ष समर्थन दिया।
