रायपुर/ बिलासपुर. पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, बिलासपुर (Pt. Sundar Lal Sharma (Open) University Chhattisgarh, Bilaspur) में पंचम आभासी दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की कुलाधिपति व राज्यपाल अनुसुईया उइके की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रहे जबकि दीक्षांत भाषण प्रो. नागेश्वर राव, कुलपति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली रहे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जय सिंह अग्रवाल मंत्री राजस्व, आपदा एवं प्रबंधन एवं प्रभारी मंत्री-बिलासपुर, उमेश पटेल उच्च शिक्षा, तकनीकि शिक्षा विभाग, धरम लाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष, अरूण साव सांसद, बिलासपुर, डॉ. रश्मि आशिष ंिसह संसदीय सचिव, पारस नाथ राजवाड़े संसदीय सचिव, शैलेष पाण्डेय विधायक, बिलासपुर, रजनीश सिंह विधायक बेलतरा एवं राम शरण यादव महापौर, बिलासपुर रहे।
कुलपति प्रोफेसर बीजी सिंह ने दीक्षांत समारोह में शोध उपाधि प्राप्त करने वाले 12 शोधार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से उपाधि प्रदान की गई। जनवरी-दिसम्बर, 2019 तथा सत्र जुलाई-जून 2019-20 में विभिन्न परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने वाले कुल 12835 (2105 $ 10730) विद्यार्थियों को उनकी अनुपस्थिति में उपाधियां प्रदान करने की घोषणा की गई। जनवरी से दिसम्बर 2019 एवं 2019-2020 के 23 छात्र/छात्राओं को आभाषी रूप से स्वर्ण-पदक एवं उपाधि प्रदान किया गया। इसमें 42 स्वर्ण-पदक (22 दानदाताओं के द्वारा तथा 20 पं. सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय स्वर्ण-पदक) सम्मिलित हैं। इसके पश्चात जनवरी-दिसम्बर 2019 मे मेरिट में प्रथम आये कन्दाला श्रीनिवास (एम.ए. राजनीति शास्त्र में सवाज़्धिक ग्रेड), चन्द्रशेखर श्रीवास (एम.ए. संस्कृत में सर्वाधिक ग्रेड) को तीन-तीन स्वर्ण-पदक एवं उपाधि आभाषी प्रदान किया गया। सत्र जुलाई-जून 2019-20 में मेरिट में आये डोलेश्वरी (एम.ए. राजनीति शास्त्र में सर्वाधिक ग्रेड), कविता (एम.ए. संस्कृत में सर्वाधिक ग्रेड), चैनू राम नागवंशी को तीन-तीन स्वर्णपदक आभाषी प्रदाय किया गया।
राज्यपाल उइके ने कहा-विवि पूरे मनोयोग से कार्य कर रहा
राज्यपाल व विवि की कुलाधिपति अनुसुईया उइके ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन (आभाषी) में कहा कि यह विश्वविद्यालय Pt. Sundarlal Sharma (Open) University Chhattisgarh, Bilaspur) छत्तीसगढ़ में जन-जागरण तथा सामाजिक उत्थान के अग्रदूत, बहुभाषाविद्, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पण्डित सुन्दरलाल शर्मा जी के नाम पर है। उन्हें ‘छत्तीसगढ़ का गाँधी” कहा जाता है। यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दूरस्थ माध्यम से पण्डित सुन्दरलाल शर्मा जी के सपनों का छत्तीसगढ़ बनाने में सक्रिय योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ माध्यम से उच्च शिक्षा ऐसे शिक्षार्थियों के लिए वरदान साबित होती है, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी शिक्षा बीच में छोड़ दी है। ऐसे युवाओं तक शिक्षा पहुँचाना हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। ऐसे शिक्षार्थी प्रदेश और देश के विकास में योगदान दे सकें, इसके लिए इन्हें तैयार करना हमारा उद्देश्य और कर्तव्य दोनों होना चाहिए। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए यह विवि Pt. Sundarlal Sharma (Open) University Chhattisgarh, Bilaspur) पूरे मनोयोग से कार्य कर रहा है, यह प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कोरोना और आनलाइन शिक्षा पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रो. नागेश्वराव ने कहा- राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से उम्मीदें अधिक
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. नागेश्वराव, ने अपने दीक्षांत वक्ता द्वारा दीक्षांत भाषण (आभाषी) में कहा कि मैं एक शिक्षक के रूप में पिछले चार दशकों से अधिक समय से काम कर रहा हूं। मैं अपने अनुभवों के आधार पर यह कह सकता हूं कि उच्च शिक्षा में अत्यधिक सुधार हुआ है। उच्च शिक्षा के प्रसार के लिए इसमें तकनीकी नवाचार को शामिल किया गया है। हम सब लगातार शिक्षा को गुणवत्ता युक्त बनाने के प्रयास में लगे हैं। पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020Ó को मंजूरी दी है। नई शिक्षा नीति से हमारी उम्मीदें और बढ़ी हैं। हम आशा करते हैं कि ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020Ó स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाए ढांचे से अलग भारतीय सभ्यता और संस्कृति को उन्नत बनाने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसके लिए केन्द्र व राज्य की सरकारें बधाई की पात्र हंै। हमें अपनी जरूरतों और वर्तमान समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा का प्रसार करने के साथ ही अपने युवा साथियों को शिक्षित-प्रशिक्षित करने के दायित्व का निर्वहन करना है। नई शिक्षा नीति में कहा गया है कि ‘2040 तक भारत के लिए एक ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करने का लक्ष्य है जिसमें किसी भी सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले शिक्षार्थियों को समान रूप से सवोज़्च्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध हो सके।
केवल पुस्तकीय ज्ञान और तकनीक से शिक्षित समाज बनाने कल्पना कठिन
दीक्षांत भाषण उन्होंने आगे कहा कि सबको गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लक्ष्य को पाने के लिए शिक्षक और छात्र दोनों के बीच बौद्धिक के साथ-साथ संवेदनात्मक तथा मनोवैज्ञानिक तालमेल होना वर्तमान शैक्षिक वातावरण के लिए बेहद आवश्यक है। केवल पुस्तकीय ज्ञान और तकनीक के उपयोग से हम एक शिक्षित और श्रेष्ठ समाज बना लेंगे, यह कल्पना थोड़ी कठिन लगती है। इसलिए हमें अपनी सामाजिक चेतना, संस्कृति और सभ्यता को केंद्र में रखते हुए अपने आचरण की शुद्धता तथा मयादज़ की पवित्रता को भी ध्यान में रखना है। संभवत: शिक्षा नीति बनाने वाले विद्वानों ने यह अनुभव कर लिया था कि भारतीय समृद्ध ज्ञान-परंपरा के पुनरावलोकन से ही विश्व को हम अपने स्वणिज़्म ज्ञान-परंपरा के इतिहास को बता सकते हंै। यही कारण रहा है कि ज्ञान, प्रज्ञा और सत्य की खोज को हमारी ज्ञान-परंपरा में सवोज़्च्च स्थान मिला है। हमारी ज्ञान-परंपरा मानवता को संरक्षित रखने वाली विश्व की सर्वश्रेष्ठ परंपरा है। प्राचीन भारत में शिक्षा का उद्देश्य सांसारिक और नैतिक जीवन को केंद्र में रखकर तय किया गया था। आचार्य चरक, सुश्रुत, आर्यभट्ट, चाणक्य, पाणिनि, पतंजलि, नागार्जुन, महावीर जैन, महात्मा बुद्ध आदि से आगे भी देखें तो राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, बाबा साहेब अंबेडकर, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे पथप्रदर्शक हमारी समृद्ध ज्ञान-परंपरा की उपज और हमारी इसी मानव कल्याणकारी ज्ञान-परंपरा के पोषक रहे हैं।
सीएम ने कहा-विवि व्यापक सरोकारों से जुड़े
मुख्य अतिथि की आसंदी से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने (आभाषी माध्यम) कहा कि यह विवि Pt. Sundarlal Sharma (Open) University Chhattisgarh, Bilaspur) पण्डित सुन्दरलाल शर्मा के नाम पर संचालित है। सर्वप्रथम मैं उन्हें सादर नमन करता हूं। वे स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी थे। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उनके अभियानों से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी प्रभावित हुए थे। मुक्त विश्वविद्यालय वास्तव में पण्डित सुन्दरलाल शमाज़् के सपनों को पूरा करने वाले संस्थान की भूमिका में है। इसकी मुक्त व्यवस्था और स्वायत्ता अनेक संभावनाएं एवं अवसर प्रदान करती है।
मुझे खुशी है की इस संस्था ने अपने कार्य क्षेत्र का काफ ी विस्तार किया है। सात क्षेत्रीय केन्द्र, 135 अघ्ययन केन्द्र, 37 पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाना एक उपलब्धि है। जनवरी 2021 की स्थिति में लगभग 35 हजार विद्यार्थियों की दर्ज संख्या से नई उम्मीदें जगती है। उन्होने कहा कि हर विवि को व्यापक सामाजिक सरोकारों से जुडऩा ही चाहिए। इस दृष्टि से लिये गये फैसले स्वागतेय हैें, जिनमे स्वामी आत्मानंद पीठ/इनोरेशन स्टार्टअप सेंटर/इंटरप्रोन्योरशीप डेव्हलपमेंट सेल/पर्यावरण हितैषी विकास केन्द्र/महिला समग्र विकास केन्द्र/समाज सुधार एवं विस्तारित गतिविधि केन्द्र/समान अवसर केन्द्र/आदर्श अध्ययन केन्द्र प्रमुख हैं। उन्होंने अपनी सरकार द्वारा श्क्षिा क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम को उमेश पटेल उच्च शिक्षा विभाग, धरम लाल कौशिक, नेता प्रतिपक्ष, जय सिंह अग्रवाल, मंत्री राजस्व, आपदा एवं प्रबंधन एवं प्रभारी मंत्री-बिलासपुर ने अपने विचार रखे। कुलपति ने कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विवि Pt. Sundarlal Sharma (Open) University Chhattisgarh, Bilaspur) छत्तीसगढ़ अपने छह क्षेत्रीय केंद्र (बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, अम्बिकापुर, जशपुर, जगदलपुर), एक उप-क्षेत्रीय केंद्र (कांकेर) तथा संपूर्ण छत्तीसगढ़ में 135 महाविद्यालयों में स्थापित अध्ययन-केंद्रों के माध्यम सेे दूरस्थ अंचलों तक उच्च-शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत है।
विवि Pt. Sundarlal Sharma (Open) University Chhattisgarh, Bilaspur) दो अकादमिक सत्रों क्रमश: जनवरी-दिसंबर तथा जुलाई-जून में प्रवेश लेता है। सत्र 2020-21 में कुल प्रवेशार्थियों की संख्या 28,555 (28 हजार पॉंच सौ पचपन) रही इसी प्रकार जनवरी 2021 में 6241 तथा दोनों मिलाकर कुल 34,796 विद्याथीज़् 37 प्रकार के पाठ्यक्रमों में अध्यापन कर रहे है। विवि ने संचालित पाठ्यक्रमों के लिए 297 पुस्तकों (स्व-अध्ययन पाठ्य-सामग्री) का विकास कर लिया है।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. इन्दु अंनत ने धन्यवाद ज्ञापित किया एवं अध्यक्ष महोदय की अनुमति से दीक्षांत समारोह के समापन की घोषणा की गई तथा राष्ट्रगान के पश्चात्् शोभा-यात्रा की वापसी हुई। शोभा यात्रा में कार्यपरिषद, विद्या परिषद, योजना मंडल एवं अध्ययन मंडल के सभी सदस्य सम्मिलित हुए। सभी छात्रों/अतिथियों को विश्वविद्यालय के द्वारा जारी किए गए लिंक के माध्यम से जूम या यू-टयूब से जुड़ा गया था। इस पूरे कार्यक्रम को यू-ट्यूब के माध्यम से लाइव किया गया था।









