
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना तथा योग के माध्यम से आत्म-नियंत्रण, आत्म-विश्वास और स्वास्थ्य जागरूकता को प्रोत्साहित करना था। - योग विशेषज्ञों ने छात्राओं को विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियाँ सिखाईं।
लखनऊ, 13 अक्टूबर 2025 पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला महाविद्यालय, राजाजीपुरम, लखनऊ में आज 13 अक्तूबर को अखिल भारतीय स्वदेशी खेल संघ, मिशन शक्ति फेज़-5 समिति तथा एन.सी.सी. इकाई के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय “योग स्वास्थ्य शिविर” का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना तथा योग के माध्यम से आत्म-नियंत्रण, आत्म-विश्वास और स्वास्थ्य जागरूकता को प्रोत्साहित करना था।
इस कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ योग स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा किया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ श्री एस. पी. सिंह (आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी) के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में उनकी टीम के सदस्य श्री कृष्ण अवतार गुप्ता, योगाचार्य विमल सक्सेना एवं अन्य योग विशेषज्ञों ने छात्राओं को विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियाँ सिखाईं। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि मानसिक संतुलन और भावनात्मक दृढ़ता के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

शिविर की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुषमा देवी ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित यह योग शिविर महिलाओं को आत्मनिर्भर और मानसिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। उन्होंने कहा कि योग के अभ्यास से न केवल तनाव, चिंता और थकान में कमी आती है बल्कि यह छात्राओं को सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और आत्मविश्वास से भी भरता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नेहा जैन द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को संयोजित रूप में संचालित करते हुए मिशन शक्ति के उद्देश्यों – महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं आत्मरक्षा – से योग की प्रासंगिकता को जोड़ा। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं ताकि वे शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ और सशक्त बन सकें।

इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी संकाय सदस्य, एनसीसी कैडेट्स तथा 220 की संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। शिविर का समापन सामूहिक ध्यान और ‘ओम’ उच्चारण के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मकता और शांति से भर दिया। यह आयोजन मिशन शक्ति फेज़-5 के उद्दे
श्यों के अनुरूप महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य और आत्मसशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरक पहल सिद्ध हुआ।

