

- मुख्य अतिथि प्रोफेसर राम गणेश ने कहा कि यह पुस्तक शोध और पुस्तक लेखन के मानकों का पूरी तरह से पालन करती है. इसमें समाज और पुलिस के रिश्तों का वास्तविक और जमीनी वर्णन किया गया है .
प्रयागराज , 05 दिसम्बर , आज समाज में पुलिस प्रशासन की छवि अलग-अलग रूपों में है , कहीं सकारात्मक भूमिका में दिखाई देती है तो कहीं नकारात्मक भूमिका में लेकिन पुलिस प्रशासन की वास्तविक तस्वीर डॉक्टर कृष्ण कुमार द्वारा लिखित “पुलिस और समाज के बीच संबंध का मनोवैज्ञानिक अध्ययन” पुस्तक में दिखाई देता है यह पुस्तक पुलिस और समाज के बीच पैदा वर्तमान की दूरियों को कम करने में न केवल सहायक सिद्ध होगी बल्कि आने वाले समय में समाज और पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण उपयोगी साबित होगी .

यह विचार प्रोफेसर राम गणेश पूर्व विभाग अध्यक्ष समाजशास्त्र लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ ने व्यक्त किये . वे डॉ कृष्ण कुमार द्वारा लिखित “पुलिस और समाज के बीच संबंध का मनोवैज्ञानिक अध्ययन ” पुस्तक के विमोचन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे . यह समारोह ग्राम करारी भदेली हंडिया जिला प्रयागराज में आयोजित किया गया . मुख्य अतिथि प्रोफेसर राम गणेश ने कहा कि यह पुस्तक शोध और पुस्तक लेखन के मानकों का पूरी तरह से पालन करती है. इसमें समाज और पुलिस के रिश्तों का वास्तविक और जमीनी वर्णन किया गया है .

उन्होंने पुलिस प्रशासन के वर्तमान स्वरूप को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज को कानून व्यवस्था का राज दिलाने की जिम्मेदारी पुलिस की है और समाज के भी जिम्मेदारी है कि वह पुलिस को सहयोग करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद करें. उन्होंने वर्तमान में संविधान में प्रदत्त गरीबों, कमजोरों के अधिकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि इन अधिकारों की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जाए. उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि आज लोकतंत्र की स्थिति पहले की तरह मजबूत नहीं है बल्कि इस पर प्रहार किया जा रहे हैं. इसलिए पूरे समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ कर बचाने की जरूरत है।
ये रहे आमंत्रित अतिथि
समारोह में प्रोफेसर सत्येंद्र सिंह पूर्व प्राचार्य राजकीय पीजी कॉलेज हमीरपुर, प्रोफेसर सियाराम यादव पूर्व विभाग अध्यक्ष बीएड विभाग केएनपीजी कॉलेज ज्ञानपुर भदोही, प्रोफेसर दिग्विजय सिंह पूर्व विभाग अध्यक्ष शिक्षा शास्त्र विभाग हंडिया पीजी कॉलेज हैंडिया प्रयागराज, प्रोफेसर सरिता रानी पूर्व विभाग अध्यक्ष मनोविज्ञान विभाग हंडिया पीजी कॉलेज हंडिया, डॉक्टर शैलेंद्र यादव विभाग अध्यक्ष भूगोल विभाग पीजी कॉलेज हंडिया प्रयागराज, डॉ रोहित सिंह विभाग अध्यक्ष मनोविज्ञान विभाग पीजी कॉलेज हंडिया प्रयागराज, डॉक्टर क्रांति सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर मनोविज्ञान विभाग पीजी कॉलेज हंडिया प्रयागराज , डॉ आनंद कुमार श्रीवास्तव विभाग अध्यक्ष मनोविज्ञान विभाग नागरिक पीजी कॉलेज, डॉक्टर प्रमोद कुमार पांडेय एसोसिएट प्रोफेसर बीएड विभाग नागरिक पीजी कॉलेज , डॉक्टर प्रभात कुमार सिंह एसोसिएट प्रोफेसर संस्कृत विभाग राजकीय पीजी कॉलेज आदि आमंत्रित रहे .
अंगवस्त्रम व पौधा भेंट कर अतिथियों का हुआ सम्मान
समारोह में प्रभावती ट्रस्ट की ओर से सभी अतिथियों का अंगवस्त्रम और पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया . ग्राम में आयोजित समारोह कई मायनों में भव्य रहा . यहाँ प्रकृति के सरंक्षण का संकल्प लिया गया . ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया वे प्रति वर्ष बड़ी संख्या में पौधों का वितरण करते हैं .और लोग न केवल रोपण करते हैं अपितु पौधों की देखभाल भी करते हैं . समारोह में पुस्तक के लेखक डॉक्टर कृष्ण कुमार के परिजन भी उपस्थित रहे और इन गौरव पलों के साक्षी बने .
क्या बोले लेखक डॉ कृष्ण कुमार
समारोह में पुस्तक के लेखक डॉक्टर कृष्ण कुमार बहुत भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अपने पूज्य पिताश्री एवं ममतामई माँ को समर्पित करता हूं , जिनका सदैव कर्म योग पर चलने का आशीर्वाद ही वर्तमान रूप में फलीभूत होता रहा है . उन्होंने सभी अतिथियों के साथ साथ गंगा प्रकाशन के संपादक सहित सभी उन सहकर्मियों का भी धन्यवाद ज्ञापन ज्ञापित किया जिन्होंने इस पुस्तक के लेखन में उनकी मदद की है.
जानिये लेखक डॉ कृष्ण कुमार के बारे में
डॉ कृष्ण कुमार ग्राम करारी भदेली पोस्ट लोकमानपुर, हंडिया जिला प्रयागराज उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं. आपकी प्रारंभिक शिक्षा गांव की विद्यालय से हुई . इंटरमीडिएट की शिक्षा विद्यावती यादव महर्षि कृष्ण इंटर कॉलेज हैंडिया प्रयागराज से प्राप्त करने के बाद स्नातक और परास्नातक की उपाधि काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर भदोही से प्राप्त की . पीएचडी की उपाधि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से 2008 में प्राप्त की. जुलाई 2010 से श्री घनश्याम दुबे पीजी कॉलेज सुरियावां भदोही में मनोविज्ञान विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं. आपके 15 शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित हुए हैं . साथ ही 50 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं संगोष्ठियों में प्रतिभा किया है.
