

- ब्रह्माकुमारीज़ का आयोजन गुड बाय टेंशन अलविदा तनाव शिविर का पांचवा दिन
भिलाई, छ.ग.5 जून 2025, campussamachar.com, भिलाई7जून2025छ.ग:-जो खुद को प्यार करते हैं उनके जीवन में डिप्रेशन शुन्य हो जाता है | रोज चिंतन करें – इस सृष्टि रंगमंच पर मेरे जैसा दूसरा कलाकार है ही नहीं | अपने मिले हुए पार्ट को संतुष्ट होकर बजायें | अपने अंदर की विशेषताओं का रोज चिंतन करें | अपने अन्तर्मन और घर में लिख लीजिये – “मै बेस्ट हूं | जो पार्ट परमात्मा ने मुझे दिया है वो बहुत अच्छा है |” यह बातें इंदौर से पधारी तनावमुक्ति विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी पूनम बहनजी ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में आयोजित नौ दिवसीय निशुल्क ‘’अलविदा तनाव शिविर” के पांचवे दिन के सत्र में तनावमुक्त निश्चिंत जीवन का रहस्य बताते हुए कही |
भारत की प्राचीन संस्कृति,सबका भला हो सब सुख पाए
रिश्तों में प्यार, सम्मान, दर्द जो भी हम देते हैं वही वापस आता है . देना ही लेना है . सबको प्यार, शुभभावना, खुशी, दुआएं, सहयोग देना है, तभी हम सदा सुखी रह पाएंगे |यही भारत की प्राचीन संस्कृति है |
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परमात्मा को ट्रस्टी बनाकर हर कर्म अर्पण करे
सुखी रहने के लिए अपनी सर्व जिम्मेवारी परेशानी परमात्मा को सौंप कर ट्रस्टी बनकर हर कार्य करे ,प्राप्त परिणाम परमात्मा को अर्पित कर दें | यदि दिल से अर्पित करेंगे तो परमात्मा की शक्तियां काम करने लगेंगी व समाधान सामने आ जायेगा |
गीतों पर कराया तनावमुक्त मेडिटेशन का अभ्यास
फिर उन्होंने किसी की मुस्कुराहटों पे हो सब सौंप दो प्यारे प्रभु को गीतों के माध्यम से मेडिटेशन करवाकर तनावमुक्त स्थिति का अभ्यास करवाया।
हमें संसार में बेस्ट पार्ट निभाना है
इस संसार को मुसाफिर खाना कहा जाता है | यहाँ हम सभी मुसाफिर हैं | जहां से आये हैं एक दिन वहां ही जाना है |इसे सृष्टि मंच भी कहा जाता है जहां हम सब कलाकार अभिनय करते हैं,मुझे अपना पार्ट बेस्ट निभाना है। स्प्रीचुअल इंजेक्शन (मंत्र) दिया – “मैं इस सृष्टि रूपी रंग मंच पर एक महान कलाकार हूं |”

लिखकर कराया अभ्यास बताए फायदे
इसे उन्होंने लिखकर अभ्यास करने के लिए कहा तथा बताया कि यदि 21 दिन तक 108 बार अनुभव करते हुए कोई अच्छा विचार आधा मिनट अनुभव करके लिखते है तो तनाव के कारण ब्रेन में जो ब्लाकेज हो जाते हैं वे खुल जाते हैं क्योंकि लिखने से ब्रेन में मूड को अच्छा करने वाले हार्मोन पैदा होने लगते हैं | इससे मन की सारी बीमारियां दूर हो जाती हैं | अनिद्रा की बीमारी ठीक हो जाती है, सीवियर डिप्रेशन से बाहर आ जाते हैं।
मनाया परिवर्तन उत्सव
सत्र के अंत में परिवर्तन उत्सव मनाया गया | कोरोना काल में सब कुछ ऑनलाइन हो गया था जिसे हम सब ने स्वीकार किया, परिवर्तन किया ।ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा परिवर्तन की अध्यात्मिक दिवाली दुआएं देने का दीप जलाकर परिवर्तन उत्सव मनाया गया | इस प्रेरणादायी वातावरण में सबने उमंग-उत्साह से अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का दृढ़ संकल्प किया | यह अलविदा तनाव गुड बाय टेंशन शिवर बुधवार 11मई तक शाम 7 बजे से सर्व के लिए निशुल्क है।
