

- यह वृक्ष अर्जुन द्वारा स्वर्ग से लाया गया था, और कुंती इसके फूलों से शिवजी का अभिषेक करती थीं। एक अन्य कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण ने अपनी प्रिय रानी सत्यभामा के लिए इस वृक्ष को लाया था।
- पारिजात वृक्ष की आयु 1000 से 5000 वर्ष तक की मानी जाती है, और इसकी ऊंचाई लगभग 45 फीट है। इसके फूल बहुत खूबसूरत और सफेद रंग के होते हैं,
Special Report by campus samachar :
Parijaat tree, Kintoor : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे जिले बाराबंकी का नाम तो सबने सुना होगा.इसी जिले में स्थित है एक ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाला पारिजात वृक्ष है। यह वृक्ष किन्तूर गांव में स्थित है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 38 किलोमीटर पूर्वी दिशा अयोध्या धाम मार्ग पर है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह वृक्ष अर्जुन द्वारा स्वर्ग से लाया गया था और कुंती इसके फूलों से शिवजी का अभिषेक करती थीं। यहाँ एक शिव जी का मंदिर भी बना हुआ है . एक अन्य कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण ने अपनी प्रिय रानी सत्यभामा के लिए इस वृक्ष को लाया था।

इस वृक्ष की विशेषता यह है कि यह अपने फल या बीज का उत्पादन नहीं करता है, और न ही इसकी शाखा की कलम से एक दूसरा परिजात वृक्ष पुनः उत्पन्न किया जा सकता है। वनस्पति विज्ञान के अनुसार, यह एक यूनिसेक्स पुरुष वृक्ष है । पारिजात वृक्ष की आयु 1000 से 5000 वर्ष तक की मानी जाती है, और इसकी ऊंचाई लगभग 45 फीट है। इसके फूल बहुत खूबसूरत और सफेद रंग के होते हैं, और सूखने पर सोने के रंग के हो जाते हैं ।
इस वृक्ष को देखने के लिए पर्यटकों को आकर्षित करता है, और स्थानीय लोग इसे अपना संरक्षक मानते हैं। यदि आप इस वृक्ष को देखना चाहते हैं, तो आप लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित किन्तूर गांव में जा सकते हैं ।

पारिजात वृक्ष के रखरखाव हो रहा
पारिजात वृक्ष के रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित इस वृक्ष को हेरिटेज वृक्ष का दर्जा दिया गया है । इसके अलावा, जिला प्रशासन ने परिसर में सुंदर बाग़ और प्राचीन मंदिरों का निर्माण किया है ²। परिसर में कई दुर्लभ प्रजातियों के पेड़-पौधे लगाए गए हैं, जो पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ।
परिसर में स्थित पारिजात वृक्ष की देखभाल और संरक्षण के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके अलावा, पर्यटकों के लिए यहाँ कई सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जैसे कि पार्किंग, शौचालय, और पीने का पानी।
और कदम उठाने की जरूरत है
पारिजात वृक्ष के रखरखाव और प्रोटेक्शन के लिए सरकार को निम्नलिखित कदम उठाने की जरूरत है:
1. विशेषज्ञों की नियुक्ति: पारिजात वृक्ष के रखरखाव के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति करनी चाहिए, जो इसकी देखभाल और संरक्षण में मदद कर सकें।
2. सुरक्षा व्यवस्था: पारिजात वृक्ष के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए, ताकि इसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
3. पर्यावरण संरक्षण: पारिजात वृक्ष के आसपास के पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए, जैसे कि इसके आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण और वनस्पति वृद्धि को बढ़ावा देना।
4. पर्यटन विकास: पारिजात वृक्ष के आसपास पर्यटन विकास को बढ़ावा देना चाहिए, जैसे कि इसके आसपास में होटल, रेस्तरां और अन्य पर्यटन सुविधाओं का विकास करना।
5. शिक्षा और जागरूकता: पारिजात वृक्ष के महत्व और इसके संरक्षण के बारे में शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करना चाहिए।
6. सामुदायिक भागीदारी: पारिजात वृक्ष के संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना चाहिए, जैसे कि स्थानीय समुदाय को इसके संरक्षण में शामिल करना।
7. वैज्ञानिक अनुसंधान : पारिजात वृक्ष के बारे में वैज्ञानिक अनुसंधान करना चाहिए, जैसे कि इसकी प्रजाति, इसके गुणधर्म और इसके संरक्षण के तरीकों के बारे में अध्ययन करना।

