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- इनके संघर्षों की बदौलत अध्यापकों के वेतन का भुगतान सुनिश्चित हुआ एवं प्रबंधकों द्वारा किया जा रहा शोषण पूर्ण रूप से समाप्त हुआ। शिक्षक आज भी पंचानन को अपना मसीहा मानते हैं।
- अचानक वर्ष 2007 में पांच सितंबर को एक सड़क दुर्घटना में वह काल कवलित हो गए। ऐसे शिक्षक नेता की पुण्यतिथि पर आज पांच सितंबर को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई है।
लखनऊ, 05 सितम्बर , एक ऐसे शिक्षक एमएलसी जिनसे घबरा जाते थे …जिन्हें भुलाया नही जा सकता स्मृतिशेष स्वर्गीय पंचानन राय ..उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व महामंत्री एवं गोरखपुर -फैजाबाद शिक्षक खंड के एमएलसी, स्वर्गीय पंचानन राय 05 सितंबर 2007 को सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया था। स्वर्गीय पंचानन राय की श्रद्धांजलि सभा दिनांक 05सितम्बर2025 को पूर्वाह्न 10:00 बजे 109, विधायक आवास राजेंद्र नगर, लखनऊ में होगी। इस श्रद्धांजलि सभा में जनपद लखनऊ के प्रदेशीय पदाधिकारी, जनपदीय पदाधिकारी एवं सक्रिय शिक्षक सम्मिलित होंगे।
कौन थे शिक्षक नेता पंचानन राय
आजमगढ़ की माटी के लाल पंचानन राय (Panchanan Rai) के थे. पंचानन राय ( Panchanan Rai ) का जन्म 28 नवम्बर, 1942 को आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील के भुवना ग्रामसभा में हुआ था. पंचानन राय का स्वभाव और उनके कुशल व्यक्तित्व का कोई सानी नही था. 1966 में वह टाउन इंटर कॉलेज में अध्यापक नियुक्त हुए थे. उन्होंने देखा कि शिक्षकों से मानदेय पर हस्ताक्षर कराया जा रहा था. उन्हें दिया कुछ और जा रहा था और हस्ताक्षर कुछ और हो रहा था. उन्होंने तुरंत प्रबंधक के विरुद्ध बगावत कर दी. नतीजन, उन्हें बर्खास्त कर दिया गया. इसके तुरंत बाद 1967 में वह मालटारी इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद पर नियुक्त हुए, लेकिन प्रबंधकीय तंत्र से विरोध जारी रहा. उन्होंने शिक्षकों से एकजुट होने का एलान किया, 1968 में आजमगढ़ में सामूहिक रूप से उन्होंने आंदोलन किया था.
वर्ष 1968 में गांधी इंटर कॉलेज मालटारी में शाखा मंत्री से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में संगठन में कार्य करना प्रारंभ किया. सन 1971 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री निर्वाचित हुए और शिक्षकों की पीड़ा के लिए वह निरंतर संघर्ष करते रहे. सन 1977 में इनके तेवर और संघर्षों को देखते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रदेश मंत्री निर्वाचित किया.
पंचानन राय ( Panchanan Rai ) एक प्रसिद्ध शिक्षक नेता और सामाजिक न्याय योद्धा थे, जो 1996 और 2002 में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से शिक्षक विधायक चुने गए थे। उन्होंने ( Panchanan Rai ) शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा की और उनके शोषण को समाप्त करने के लिए संघर्ष किया, जिसके कारण शिक्षकों के वेतन का भुगतान सुनिश्चित हुआ। शिक्षकों को शून्य से शिखर तक की उपलब्धियां अर्जित कराने वाले पंचानन राय ( Panchanan Rai ) का शिक्षा जगत में योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। संघर्षो से भरा उनका जीवन हर किसी के लिए सदा प्रेरणास्त्रोत रहेगा।
प्रादेशिक महामंत्री होने के तुरंत बाद इन्होंने संघर्ष को और तेज किया। पांच सितंबर 1998 को सरकार द्वारा इन्हें गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में जेल भेजने की साजिश की जा रही थी। इसकी भनक लगते ही उन्होंने खुलेआम दिन में ही तत्कालीन मुख्यमंत्री का पुतला फूंका एवं सरकार के विरुद्ध नारा लगाते हुए दिन में ही अपने 19 शिक्षक साथियों के साथ गिरफ्तारी दी। 1980 में सगड़ी विधानसभा से कांग्रेस पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए और 1996 में गोरखपुर फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भारी मतों से शिक्षक विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद 2002 में पुन: शिक्षक विधायक हुए।
शिक्षक आज भी पंचानन को अपना मसीहा मानते हैं। अचानक वर्ष 2007 में पांच सितंबर को एक सड़क दुर्घटना में वह काल कवलित हो गए थे। ऐसे शिक्षक नेता ( Panchanan Rai ) की पुण्यतिथि पर आज पांच सितंबर को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई है।
लखनऊ में आज श्रद्धांजलि सभा
स्वर्गीय पंचानन राय ( Panchanan Rai ) की श्रद्धांजलि सभा दिनांक 05सितम्बर2025 को पूर्वाह्न 10:00 बजे 109, विधायक आवास राजेंद्र नगर, लखनऊ में होगी। इस श्रद्धांजलि सभा में जनपद लखनऊ के प्रदेशीय पदाधिकारी, जनपदीय पदाधिकारी एवं सक्रिय शिक्षक सम्मिलित होंगे।
