
- मुख्य मांगे हैं – शिक्षा नीति 2020 वापस करो, पुरानी पेंशन बहाल करो, शिक्षा पर जीडीपी का कम से कम 10% खर्च करो, सभी एडहॉक, part time/ guest teachers और ठेके पर कार्यरत शिक्षकों को स्थाई कर उन्हें सम्मानित वेतन और सेवा सर्त दो इसके अलावा राज्य स्तरीय मांगे भी शामिल हैं।
लखनऊ, 30 जुलाई । campussamachar.com, अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (AIFUCTO) और जॉइंट फॉर्म फॉर्म फोरम मूवमेंट ऑन एजुकेशन (JFME ) ने देश के शैक्षिक जगत से जुड़े तमाम लोगों का आह्वान किया है कि आगामी 1 अगस्त 2023 को राज्य स्तर पर अपना जोरदार प्रतिरोध दर्ज करें । जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) वापस लेने पुरानी पेंशन (OPS) बहाल करने और शिक्षा क्षेत्र से एडाकिज़्म की नीति वापस लेने की मांग की जाए ।
up education news : आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में AIFUCTO के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर अरुण कुमार ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ( NEP 2020 ) देश पर एकतरफा लागू की गई है किसी स्टेकहोल्डर्स की राय लिए बिना, संसद की उपेक्षा कर और राज्य सरकारों को दरकिनार कर जबरदस्ती लागू की गई है। शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020 ) पूरी शिक्षा व्यवस्था के निजीकरण कारपोरेटीकरण बाजारीकरण और सांप्रदायिक करण की सोची-समझी नीति है । यह संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है यह देश की संघीय ढांचा लोकतांत्रिक व्यवस्था सामाजिक न्याय और संवैधानिक भावना के विरुद्ध है।
NEP 2020 : प्रोफेसर अरुण कुमार ने आगे बताया कि शिक्षा नीति बच्चियों, अल्पसंख्यकों, गरीबों आदिवासियों को शिक्षा से बाहर करने वाली नीति है। पूरी शिक्षा को अनुदान से कर्ज की ओर धकेल कर केंद्र सरकार इसका पूर्णता व्यापारी करण और बाजारीकरण करने जा रही है । देश की शिक्षा को घोर संकट की ओर धकेला जा रहा है। साल 2020 से AIFUCTO लगातार JMFE के साथ मिलकर विभिन्न प्रजातांत्रिक कार्यक्रमों द्वारा सरकार का ध्यान खींचने का प्रयास करता आ रहा है लेकिन केंद्र सरकार के कान पर आज तक जूं नहीं रेंगी। मजबूरन AIFUCTO और JFME को यह फैसला लेना पड़ा है।
up teachers news : उन्होंने बताया कि 1 अगस्त को देशव्यापी राज्यस्तरीय प्रतिरोध और आगामी 13 सितंबर 2030 को दिल्ली में महारैली करने का निर्णय लिया गया है। मुख्य मांगे हैं शिक्षा नीति 2020 वापस करो पुरानी पेंशन बहाल करो शिक्षा पर जीडीपी का कम से कम 10% खर्च करो, सभी एडहॉक, part time/ guest teachers और ठेके पर कार्यरत शिक्षकों को स्थाई कर उन्हें सम्मानित वेतन और सेवा सर्त दो इसके अलावा राज्य स्तरीय मांगे भी शामिल हैं।
AIFUCTO महासचिव अरूण कुमार ने आगे बताया कि देश भर के शिक्षा जगत में कार्यरत शिक्षकों, छात्रों, नौजवानों, बुद्धिजीवियों और कर्मियों का आह्वान किया है कि वे सार्वजनिक शिक्षा को बचाने उसके लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष , वैज्ञानिक और संघीय स्वरूप की रक्षा के लिए 1 अगस्त को जोरदार विरोध दर्ज करें।
