

- प्रतियोगिता में कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रत्येक प्रतिभागी को उसी समय दिए गए विषयों में से किसी एक पर 2 मिनट का भाषण प्रस्तुत करना था।
नालंदा, 2 सितम्बर 2025:, नव नालंदा महाविहार (सम विश्वविद्यालय), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार में आकाशवाणी की स्थापना के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज एक विशेष ‘तत्काल भाषण प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। ( Successful Organization of ‘Extempore Speech Competition’ at Nava Nalanda Mahavihara on the Occasion of 90 Years of Akashvani ) यह प्रतियोगिता विश्वविद्यालय के आउटरीच कार्यक्रमों के अंतर्गत आयोजित हुई, जिसमें आकाशवाणी पटना के अधिकारीगण भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रत्येक प्रतिभागी को उसी समय दिए गए विषयों में से किसी एक पर 2 मिनट का भाषण प्रस्तुत करना था। विषयों में प्रमुख रूप से शामिल थे— ‘स्वतंत्रता आंदोलन से आकाशवाणी का योगदान’, ‘राष्ट्र निर्माण में आकाशवाणी की भूमिका’, ‘सामाजिक सरोकार’, ‘भारतीय संस्कृति, साहित्य एवं प्रसारण में आकाशवाणी का योगदान’ तथा ‘नवभारत के विकास में आकाशवाणी की भूमिका’।

इस प्रतियोगिता में
प्रथम स्थान – लक्ष्मण कुमार सिंह (हिंदी विभाग)
द्वितीय स्थान – पंकज कुमार ठाकुर (हिंदी विभाग)
तृतीय स्थान – शम्भू कुमार (बौद्ध पर्यटन विभाग)
चतुर्थ स्थान – अभिषेक कुमार (अंग्रेजी विभाग)
पंचम स्थान – सलोनी कुमार (अंग्रेजी विभाग) ने प्राप्त किया।
निर्णायक मंडल में श्री अंशुमान झा, श्री धर्मेंद्र कुमार, प्रो. श्रीकान्त सिंह एवं डॉ. प्रदीप कुमार दास सम्मिलित रहे। समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह सप्तपर्णी सभागार में आयोजित हुआ। इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए और विद्यार्थियों को प्रेरणास्पद आशीर्वचन दिए।

अपने संबोधन में कुलपति ने कहा—
“मैं आज भी आकाशवाणी सुनना पसंद करता हूँ क्योंकि उसमें दी जाने वाली सूचनाओं में सत्य की झलक मिलती है। आकाशवाणी ने महान कमेंटेटर दिए जिन्होंने हॉकी को लोकप्रिय बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। शास्त्रीय संगीत को घर-घर पहुँचाने का श्रेय भी आकाशवाणी को जाता है। समाचार किस ढंग से प्रस्तुत किया जाए—यह परंपरा आकाशवाणी ने ही स्थापित की। यही कारण है कि माननीय प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी आकाशवाणी की भूमिका की सराहना की। आकाशवाणी ने TRP की चिंता किए बिना जनता से सीधा जुड़ाव बनाते हुए समाचार, खेलकूद, शास्त्रीय संगीत और सांस्कृतिक चेतना को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया है।”

इस अवसर पर श्री अंशुमान झा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आकाशवाणी का यह सतत प्रयास रहता है कि शैक्षणिक संस्थानों में जाकर वहाँ की उभरती हुई प्रतिभा को निखारने का कार्य किया जाए। मुझे यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि नव नालंदा महाविहार में प्रतिभा के साथ-साथ सीखने और कुछ कर गुजरने की जिज्ञासा विद्यार्थियों में कूट-कूट कर भरी हुई है। इसी प्रतिभा को ध्यान में रखते हुए भविष्य में आकाशवाणी के द्वारा इस प्रकार के और भी कार्यक्रम नव नालंदा महाविहार में आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. विजय कुमार कर्ण ने सभी प्रतिभागियों को उत्साहपूर्ण भागीदारी के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।
