
- राजधानी सहित देश भर में बनाए जाते हैं आनलाइन परीक्षा केंद्र
लखनऊ, 13 दिसंबर। campussamachar.com, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission -UGC ) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा UGC-NET dec 2023 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency -NTA) आयोजित कर रही है। यह पात्रता परीक्षाएं विषय वार 6 दिसंबर 2023 से संचालित की जा रही है ।
(National Testing Agency -NTA) ने ऑनलाइन टेस्ट के लिए दिशा निर्देश भी जारी किए हैं । इनमें से कुछ दिशा निर्देश पात्रता परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों को पालन करने में तरह-तरह की व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Luknow uttar pradesh ) के एक परीक्षा केंद्र में इन व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता परीक्षा देने में दिक्कतें महसूस हो रही हैं।
आज 13 दिसंबर 2023 को परीक्षा देने गए एक अभ्यर्थी ने बताया कि सुबह 7:00 से 8.30 बजे तक परीक्षा केंद्र में एंट्री/ रिपोर्टिंग समय तय किया है। इसके बाद 8.30 बजे परीक्षा केंद्र का गेट बंद कर दिया जाता है ।फिर 9 बजे से 12 बजे तक टेस्ट का समय निर्धारित है । निर्देश के अनुसार अभ्यर्थी एंट्री करने के बाद टेस्ट खत्म होने के बाद ही केंद्र से बाहर आ सकता है । इस अवधि में किसी भी अभ्यर्थी को टायलेट जाना हो तो उसे अनुमति मिलती है लेकिन वाश रूम से वापसी के समय अभ्यर्थी की स्क्रीनिंग होती है जबकि उसे परीक्षा हाल में जाने से पहले स्क्रीनिंग हो चुकी है । लेकिन दुबारा की जाती है और इस प्रक्रिया में इतना अधिक टाइम लगता है कि अभ्यर्थी की परीक्षा अवधि कम हो जाती है। #University Grants Commission -UGC
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को केवल पारदर्शी वाटर बोतल ही ले जाने की अनुमति है । सख्ती यहां तक की जा रही है कि पैंट में लगी बेल्ट भी उतरवा ली जाती है, जबकि इस परीक्षा में ऐसे भी अभ्यर्थी हैं, जिन्हें यह सब करने में दिक्कत महसूस होती है । पीड़ित अभ्यर्थी की पीड़ा है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission -UGC ) इन व्यावहारिक दिक्कतों को समझते हुए अपने स्तर से (National Testing Agency -NTA) को दिशा निर्देश जारी करें। इतना ही नहीं पहले की तरह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission -UGC ) के समय होने वाली राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा की तरह हर विश्वविद्यालय के क्षेत्र में आने वाले ऑनलाइन परीक्षा केन्द्रों में संबंधित विश्वविद्यालय के सीनियर प्रोफेसर को कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी दी जाए , ताकि वे आसानी से इस तरह की समस्याओं को दूर कर सकें । अभ्यर्थियों का कहना है कि यह पात्रता परीक्षा उच्च शिक्षण संस्थानों में सहायक प्रोफेसर पद की पात्रता को सुनिश्चित करती है, ऐसे में किसी शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए इस तरह के अव्यवहारिक दिशा निर्देश किसी भी सूरत में उचित नहीं कहे जा सकते हैं। #National Testing Agency -NTA
